
उदित वाणी, जमशेदपुर: कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद यदि हौसला बुलंद हो, तो लक्ष्य पाना आसान हो जाता है। इसे सच कर दिखाया है जमशेदपुर के गदरा स्थित आनंद मार्ग आश्रम में रहकर पढ़ाई करने वाले आदिवासी छात्र झुरी जामुदा ने। झारखंड बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में झुरी ने 67.80% अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी हासिल की है।
सिंगल गार्जियन के बच्चे ने अभावों को दी मात
झुरी जामुदा आदिवासी “हो” समाज से आते हैं। वे एक सिंगल गार्जियन वाले बच्चे हैं, जिन्होंने जीवन की कई चुनौतियों का सामना किया है। झुरी ने अपनी स्कूली शिक्षा एबीएमपी हाई स्कूल, रहड़गोड़ा से पूरी की है। अपनी इस उपलब्धि से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।
सुनील आनंद के मार्गदर्शन में निखारी अपनी प्रतिभा
वर्तमान में झुरी जामुदा आनंद मार्ग के रिलीफ कोऑर्डिनेटर सुनील आनंद के संरक्षण और गार्जियनशिप में आश्रम में ही रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। आश्रम के अनुशासन और उचित मार्गदर्शन ने उनकी शैक्षणिक सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
भविष्य का लक्ष्य: शिक्षक बनकर समाज को करेंगे शिक्षित
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए झुरी जामुदा ने बताया कि वे भविष्य में एक आदर्श शिक्षक बनना चाहते हैं। वे समाज के अन्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित कर उनके जीवन में बदलाव लाना चाहते हैं। झुरी की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर आनंद मार्ग आश्रम के सदस्यों और उनके शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल है।

