
उदित वाणी, धनबाद: झारखंड में आतंक का पर्याय बन चुके गैंगस्टर प्रिंस खान के सिंडिकेट को पुलिस ने करारा झटका दिया है। प्रिंस खान के सबसे भरोसेमंद गुर्गे सैफी उर्फ मेजर को इंटरपोल के सहयोग से दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार को मेजर को कड़ी सुरक्षा के बीच कोलकाता एयरपोर्ट लाया गया, जहां से झारखंड पुलिस की एक स्पेशल टीम उसे धनबाद लेकर आ रही है।
डिजिटल धमकियों का मास्टरमाइंड था मेजर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सैफी उर्फ मेजर गिरोह का मुख्य संचालक और टेक्निकल एक्सपर्ट था। वह प्रिंस खान के इशारे पर व्यापारियों और आम नागरिकों को धमकाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करता था। ऑडियो और वीडियो मैसेज भेजकर रंगदारी मांगना और गिरोह की तमाम गतिविधियों को वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर मैनेज करना मेजर की ही जिम्मेदारी थी।
बड़ा खुलासा: दुबई छोड़ अब पाकिस्तान में छिपा है प्रिंस खान
मेजर की गिरफ्तारी के बीच सुरक्षा एजेंसियों को प्रिंस खान के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। खुफिया इनपुट के अनुसार, प्रिंस खान ने अपना ठिकाना दुबई से बदलकर अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बना लिया है। वह वहीं से वर्चुअल नंबरों के जरिए रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर के कारोबारियों को टारगेट कर रहा है।
आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू, ‘व्हाइट कॉलर’ समर्थक भी रडार पर
वासेपुर से अपराध शुरू करने वाला प्रिंस खान अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है। पाकिस्तान से गतिविधियों को संचालित करने की सूचना के बाद झारखंड पुलिस अब उसे ‘आतंकवादी’ घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। जांच में यह भी पता चला है कि प्रिंस के सिंडिकेट को कई ‘व्हाइट कॉलर’ लोग और जमीन कारोबारी हथियार व फंडिंग के जरिए सपोर्ट कर रहे हैं, जिन पर पुलिस की कड़ी नजर है।
नेटवर्क ध्वस्त करने की दिशा में सबसे बड़ी कार्रवाई
मेजर की गिरफ्तारी को प्रिंस खान के साम्राज्य के अंत की शुरुआत माना जा रहा है। धनबाद पुलिस के साथ अन्य जिलों की पुलिस भी मेजर को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। पूछताछ के दौरान गिरोह की फंडिंग, नेटवर्क और प्रिंस खान के सटीक ठिकानों के बारे में कई अहम राज खुलने की उम्मीद है।

