
उदित वाणी, जमशेदपुर : राष्ट्रीय अग्नि सेवा सप्ताह के अवसर पर टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा शहीद अग्निशामक कर्मियों को नमन करते हुए रेलकर्मियों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान आग से बचाव, नियंत्रण और आपातकालीन स्थिति से निपटने के उपायों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान, सीनी के सभागार में किया गया, जिसमें भारतीय रेल के ऑपरेटिंग और कमर्शियल विभाग से जुड़े स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर तथा प्रो सहायक लोको पायलट समेत कुल 196 रेलकर्मियों ने भाग लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत मुंबई के विक्टोरिया डॉक में हुए ऐतिहासिक जहाज विस्फोट हादसे में शहीद हुए 66 अग्निशामक कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई. इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को याद किया.
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि देश में होने वाली लगभग 90 प्रतिशत आग की घटनाएं मानव जनित होती हैं. इनमें से 30 प्रतिशत घटनाएं जानबूझकर और 70 प्रतिशत घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं. उन्होंने कहा कि जागरूकता ही आग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.
प्रशिक्षण में आग लगने के प्रमुख कारण, उसे बुझाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया तथा विभिन्न फायर उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई. साथ ही “स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल” तकनीक का मॉक ड्रिल के माध्यम से अभ्यास कराया गया. बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का उपयोग न करने और सीढ़ियों से सुरक्षित बाहर निकलने की सलाह दी गई.
द्वितीय सत्र में डेमोन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने लाइव मॉक ड्रिल के जरिए फायर उपकरणों के उपयोग में सावधानियों, पास रूल तथा इमरजेंसी रेस्क्यू तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया.
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अनुदेशक ने सिविल डिफेंस की इस पहल की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से रेलकर्मियों की आपदा से निपटने की क्षमता और अधिक मजबूत होगी.

