
उदित वाणी, जमशेदपुर : भूमिज विद्रोह (1832-33) के महानायक वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की 236वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसको लेकर शुक्रवार को सर्किट हाउस में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता हरिश चंद्र सिंह भूमिज ने की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका विधायक संजीव सरदार मौजूद रहे। आयोजन को भव्य और यादगार बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम 25 अप्रैल को जमशेदपुर के गोपाल मैदान में आयोजित होगा, जिसमें 50 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना जताई गई है।
चार राज्यों से पहुंचेगा जनसैलाब
आयोजन समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम सरदार मुड़ा/नाया/डाकुआ स्वशासन व्यवस्था एवं वीर शहीद गंगा नारायण सिंह जयंती समारोह समिति के बैनर तले पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित हो रहा है। इसमें झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम से हजारों लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि तथा मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री दीपक बिरूआ को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
पूजा से जनसभा तक विविध कार्यक्रम
जयंती समारोह की शुरुआत सुबह विधिवत पूजा-अर्चना से होगी। इसके बाद सामाजिक परिचर्चा आयोजित की जाएगी। दोपहर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल जनसभा होगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही समाज की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े सरदार मुड़ा/नाया/डाकुआ को सम्मानित किया जाएगा। युवाओं द्वारा मोटरसाइकिल जुलूस भी निकाला जाएगा। आयोजन स्थल पर भोजन, पेयजल और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।
विधायक ने दिए आवश्यक निर्देश
बैठक में विधायक संजीव सरदार ने कहा कि वीर शहीद गंगा नारायण सिंह का योगदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी जयंती को भव्य रूप से मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आयोजन समिति को निर्देश दिया कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। यह आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने इतिहास और परंपरा से जोड़ने का काम करेगा।
बैठक में कई गणमान्य रहे उपस्थित
बैठक में संजय सरदार, राधेश्याम भूमिज, अमर सिंह सरदार, सुधाकर सिंह सरदार, ज्योतिंद्र सिंह सरदार, साधन नायक, बिहारी लाल सरदार, भृगुराम सरदार, बिभूति भूषण सिंह, रामजीत सरदार, दिवाकर सरदार, बलराम सिंह, अश्विनी दिगार, मोतिलाल सिंह, भक्तरंजन सिंह भूमिज, हरिपदो सरदार, बद्धराम सिंह, भानु सिंह सरदार, अश्विनी सिंह, रमानाथ सिंह, विवेक सिंह मुंडा, रवि सिंह मुंडा, रविंद्र नाथ सिंह, ठाकुर दास सिंह, रविंद्र सरदार, रामपदो सिंह, अशोक सिंह सरदार, सनत कुमार सिंह, कालीराम सिंह सरदार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

