
उदित वाणी, सरायकेला: आगामी 19 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा को लेकर सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिले के 08 निर्धारित केंद्रों पर दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
समाहरणालय में उच्च स्तरीय ब्रीफिंग
परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा हेतु समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक (SP) मुकेश लूनायत की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, उड़न दस्ता दलों (Flying Squad) और केंद्र पर्यवेक्षकों को उनके दायित्वों के प्रति सजग किया गया।
गोपनीयता और सुविधाओं पर उपायुक्त का जोर
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा की गोपनीयता किसी भी कीमत पर भंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:
स्पष्ट सूचना: केंद्रों पर ‘क्या करें और क्या न करें’ (Do’s & Don’ts) के बैनर और रोल नंबर/कक्ष संख्या के स्टिकर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
मूलभूत सुविधाएँ: प्रत्येक परीक्षा कक्ष में घड़ी, पेयजल, शौचालय, बिजली और पंखे की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण: सेंट्रल सुपरिंटेंडेंट और उड़न दस्ता टीम को समय रहते केंद्रों का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने का आदेश दिया गया है।
कड़ी सुरक्षा और सघन जांच के निर्देश
पुलिस अधीक्षक मुकेश लूनायत ने परीक्षा की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि JPSC राज्य की सर्वोच्च परीक्षाओं में से एक है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश जारी किए हैं:
सघन फ्रिस्किंग: परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी।
प्रतिबंधित सामग्री: मोबाइल, ब्लूटूथ और किसी भी प्रकार की डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
कठोर कार्रवाई: अनैतिक गतिविधियों या कदाचार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रशासन कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में प्रशासनिक अमले के प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जिनमें अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार, निदेशक DRDA अजय तिर्की, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे।

