
उदित वाणी जमशेदपुर ; संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर लौहनगरी में सर्वजन मताधिकार की रक्षा के लिए एक विशाल जागरूकता अभियान चलाया गया। पश्चिम बंगाल में कथित एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित किए जाने के खिलाफ जमशेदपुर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने शांतिपूर्ण पदयात्रा और हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया।
साकची में शांतिपूर्ण मार्च और संविधान रक्षा का संकल्प
इस जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत साकची स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा से हुई। पदयात्रा आम बागान मैदान और साकची पुराना कोर्ट होते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा पर पहुँचकर संपन्न हुई। यहाँ उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और संविधान के मूल्यों—न्याय, समानता और गरिमा—की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया।
राष्ट्रपति के नाम स्मार-पत्र और हस्ताक्षर अभियान
अभियान के दौरान देश की महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक स्मार-पत्र (Memorandum) तैयार किया गया। इस पर हस्ताक्षर करने के लिए साकची में व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों, राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों ने अपनी एकजुटता दिखाई।
हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख गणमान्य:
अभियान में मुख्य रूप से परविंदर सिंह (अध्यक्ष, जिला कांग्रेस), पूर्व मंत्री रामचंद्र सहीस, रियाज शरीफ (झारखंड कौमी एकता मंच), माझी बाबा बिंदे सोरेन, अधिवक्ता सरदार कुलविंदर सिंह, और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार के खिलाफ एकजुटता
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को उसकी लोकतांत्रिक पहचान और मताधिकार से वंचित करना असंवैधानिक है। एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि भविष्य में भी जनजागरूकता के माध्यम से इसे जारी रखा जाएगा ताकि हर नागरिक का वोट सुरक्षित रहे।

