
उदित वाणी, देवघर: झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बैद्यनाथ धाम और नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर को जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे परियोजना प्रस्तावित की गई है. लगभग 240-250 किमी लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण से दोनों देशों के बीच धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी.
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
• बजट और निवेश: इस भव्य परियोजना के लिए सरकार ने करीब ₹8,260 करोड़ का बजट निर्धारित किया है.
• समय की भारी बचत: वर्तमान में देवघर से काठमांडू की यात्रा में 13-14 घंटे का समय लगता है, जो इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद घटकर मात्र 3 से 4 घंटे रह जाएगा.
• कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे बिहार के सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों के विकास की गति तेज होगी.
• वर्तमान स्थिति: सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता की सूची में रखा है. इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है.
इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी, बल्कि बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक उन्नति के नए द्वार भी खुलेंगे.

