
उदित वाणी, ईचागढ़ : जिले के कुकड़ू प्रखंड के अंतर्गत आने वाले गाँवों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार की रात करीब सात हाथियों के एक झुंड ने चांडिल वन क्षेत्र के डाटम गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है. झुंड ने डाटम निवासी मिहिर महतो के घर को निशाना बनाया. हाथियों ने घर की दीवारें ढहा दीं और अंदर रखा सारा अनाज चट कर गए. पीड़ित परिवार ने सुरक्षित स्थान पर शरण लेकर अपनी जान बचाई.
हाथियों के इसी झुंड ने गांगुडीह के चोड़ा टोला में भी भारी नुकसान पहुँचाया. यहाँ जगन्नाथ सिंह मुंडा का घर तोड़ दिया गया.हाथियों ने केवल घरों को ही नहीं, बल्किकिसानों की आजीविका पर भी प्रहार किया है. कर्ण सिंह मुंडा और विश्वजीत सिंह मुंडा की लौकी की खेती के साथ-साथ बड़े पैमाने पर धान और आलू की तैयार फसलों को हाथियों ने रौंदकर बर्बाद कर दिया.
ग्रामीणों के अनुसार, यह झुंड पिछले एक सप्ताह से लगातार सक्रिय है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि हाथियों के प्राकृतिक आवास में मानवीय दखल बढ़ने के कारण वे अब गांवों की ओर रुख कर रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैंlप्रभावित ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि: हाथियों के आतंक से बचाव के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए.
जिन किसानों के घर और फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए. फिलहाल, वन विभाग की टीम क्षेत्र की निगरानी कर रही है, लेकिन हाथियों के झुंड की मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है.

