
नई दिल्ली: भारत में गोल्ड लोन की मांग में पिछले तीन वर्षों के दौरान अभूतपूर्व उछाल देखा गया है. ट्रांसयूनियन सिबिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2022 से दिसंबर 2025 के बीच गोल्ड लोन बैलेंस में लगभग चार गुना की वृद्धि दर्ज की गई है. यह उछाल न केवल कर्जदारों की बढ़ती मांग को दर्शाता है, बल्कि समाज में गोल्ड लोन की बढ़ती स्वीकार्यता का भी प्रमाण है.
रिटेल लोन पोर्टफोलियो में बढ़ी हिस्सेदारी
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि भारत के कुल रिटेल लोन पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन की भागीदारी 5.9% से बढ़कर अब 11% (दिसंबर 2025 तक) हो गई है. इसका मुख्य कारण उधारकर्ताओं के प्रोफाइल में बदलाव और महिलाओं व बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्तियों की इस सेगमेंट में बढ़ती रुचि है.
टिकट साइज और लोन वैल्यू में भारी बढ़त
गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या के साथ-साथ लोन की राशि (Ticket Size) में भी बड़ा बदलाव आया है:
• औसत बैलेंस: प्रति खाता औसत गोल्ड लोन बैलेंस मार्च 2022 के 1.1 लाख रुपए से बढ़कर दिसंबर 2025 में 1.9 लाख रुपए हो गया है.
• लोन वैल्यू: वर्ष 2022 की पहली तिमाही में औसत लोन वैल्यू 90,000 रुपए थी, जो 2025 की चौथी तिमाही तक बढ़कर 1.96 लाख रुपए पहुँच गई है.
• बकाया राशि: प्रति उधारकर्ता औसत बकाया राशि भी 1.9 लाख रुपए (2022) से बढ़कर 3.1 लाख रुपए (2025) हो गई है.
बैंकों और NBFCs का दबदबा
गोल्ड लोन मार्केट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) ने अपनी पकड़ मजबूत की है:
• सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक: इनकी हिस्सेदारी 57% से बढ़कर 62% हो गई है.
• NBFCs: इनकी भागीदारी 7% से बढ़कर 11% तक पहुँच गई है.
प्रोफाइल में बदलाव: अब ‘प्राइम’ ग्राहक ले रहे हैं ज्यादा लोन
रिपोर्ट की एक दिलचस्प बात यह है कि अब गोल्ड लोन लेने वालों में प्राइम और प्राइम प्लस (बेहतर क्रेडिट रिकॉर्ड वाले) ग्राहकों की संख्या बढ़ी है. 2022 में इनकी हिस्सेदारी 43% थी, जो 2025 में 52% हो गई है. यह दर्शाता है कि अब गोल्ड लोन केवल मजबूरी का सौदा नहीं, बल्कि एक संगठित और सुलभ वित्तीय विकल्प के रूप में उभरा है.
विशेषज्ञों की राय
ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी और सीईओ भावेश जैन के अनुसार, “भारत में सोने का गहरा सांस्कृतिक महत्व रहा है, लेकिन अब हम गोल्ड लोन के उपयोग में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देख रहे हैं. यह अब मुख्यधारा का एक सुरक्षित लोन विकल्प बन चुका है.”
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