
उदित वानी, गम्हरिया: औद्योगिक विकास की रफ्तार को तेज करने के उद्देश्य से सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गम्हरिया स्थित गेल गैस लिमिटेड (GAIL Gas Limited) के कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक का मुख्य केंद्र औद्योगिक गैस आपूर्ति को सुदृढ़ करना, पीएनजी (PNG) कनेक्टिविटी का विस्तार और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों का समाधान करना था.
बैठक में गेल गैस की ओर से डीजीएम अंशुमान तिग्गा, इंडस्ट्रियल ऑपरेशन मैनेजर राहुल और आशुतोष मौजूद थे. वहीं, SCCI का नेतृत्व अध्यक्ष मानव केडिया, इंडस्ट्री वाइस प्रेसिडेंट हर्ष बक्रेवाल और सचिव विनोद शर्मा ने किया.
इन क्षेत्रों में बिछ चुका है पाइपलाइन नेटवर्क
गेल गैस के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आदित्यपुर-गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख हिस्सों में बुनियादी ढांचा तैयार है. वर्तमान में निम्नलिखित क्षेत्रों में नेटवर्क स्थापित किया जा चुका है:
फेज: द्वितीय (II), चतुर्थ (IV), छठा (VI) और सातवां (VII).
अन्य क्षेत्र: बड़े सेक्टर के कुछ हिस्से और ऑटो क्लस्टर के पीछे का इलाका.
जिन क्षेत्रों में नेटवर्क पहले से उपलब्ध है, वहां नए PNG कनेक्शन के आवेदनों को 2 से 3 माह के भीतर पूरा किया जा रहा है.
मांग और नियमों के आधार पर होगा विस्तार
कंपनी ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में अभी पाइपलाइन नहीं पहुँची है, वहां विस्तार की प्रक्रिया पूरी तरह से उद्योगों की मांग पर निर्भर है. नेटवर्क विस्तार की योजना भूमि की उपलब्धता और GRDA नियमों के अनुरूप तैयार की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में कुछ फेजों में मांग कम होने के कारण कार्य शुरू नहीं हुआ था, लेकिन अब बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसमें तेजी लाई जा रही है.
तकनीकी चुनौतियां और समाधान
बैठक के दौरान पीएनजी के औद्योगिक उपयोग से जुड़ी तकनीकी बारीकियों पर चर्चा हुई:
प्रेशर की आवश्यकता: सामान्यतः पाइपलाइन में 3 बार (bar) का प्रेशर होता है, लेकिन कटिंग और फैब्रिकेशन जैसे कार्यों के लिए 15 बार प्रेशर की मांग की गई है. बर्नर मॉडिफिकेशन: उद्योगों को पीएनजी अपनाने के लिए बर्नर में आवश्यक बदलाव करने की सलाह दी गई है. वर्तमान स्थिति: वर्तमान में कई इकाइयां सफलतापूर्वक गैस का उपयोग कर रही हैं और 15-20 नए आवेदन प्रक्रियाधीन हैं.
वैश्विक अस्थिरता के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
SCCI अध्यक्ष मानव केडिया ने वैश्विक युद्ध और अस्थिर आपूर्ति श्रृंखला का हवाला देते हुए स्थानीय गैस इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर बल दिया. उन्होंने कहा:
“औद्योगिक विकास के लिए किफायती और विश्वसनीय गैस आपूर्ति अनिवार्य है. वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए हमें स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर होना होगा. हम गेल गैस से नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने और कटिंग-फैब्रिकेशन कार्यों के लिए तकनीकी समाधान खोजने का आग्रह करते हैं.”

