
उदित वाणी, मुसाबनी: पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को आकांक्षी प्रखंड मुसाबनी में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, बीडीओ-सह-सीओ पवन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का लक्ष्य
समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मनरेगा और आवास जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि आकांक्षी प्रखंड होने के नाते मुसाबनी के सभी विकास सूचकांकों में सुधार लाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
गर्मी को देखते हुए पेयजल संकट पर सख्त निर्देश
बैठक में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था की विशेष समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि:
सोशल मीडिया, जनप्रतिनिधियों या जनता से प्राप्त खराब पेयजल स्रोतों की शिकायतों पर अविलंब मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
मरम्मत कार्य की सतत निगरानी हो और कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट वरीय पदाधिकारियों को दी जाए।
जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।
आंगनबाड़ी केन्द्र और डाक बंग्ला का निरीक्षण
बैठक के बाद उपायुक्त ने महुलबेड़ा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सेविका और सहायिका को बच्चों को नियमित पोषाहार देने और पोषण ट्रैकर पर सटीक डेटा प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रखंड मुख्यालय स्थित डाक बंग्ला का भी मुआयना किया और वहाँ उपलब्ध संसाधनों एवं रखरखाव के बेहतर संचालन हेतु जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
आम जनता से सीधा संवाद
मुसाबनी दौरे के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड मुख्यालय आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने बीडीओ को आम जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए कड़े निर्देश दिए ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

