
उदित वाणी, जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर स्थित सामुदायिक भवन के पास हुई सनसनीखेज गोलीबारी और चापड़ से हमले की घटना ने गुरुवार को दर्दनाक मोड़ ले लिया। करीब एक सप्ताह से जिंदगी के लिए जूझ रहे सन्नी पुष्टि की टाटा मुख्य अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जैसे ही यह खबर फैली, परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा शुरू हो गया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस हमले में सिर्फ चार लोग ही नहीं, बल्कि कई अन्य आरोपी भी शामिल थे, जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने करण यादव, चंदन यादव, शुरू भुइयां, आजाद भुइयां, पाल भुइयां और संजय समेत अन्य पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। आक्रोशित लोगों ने साफ कहा कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, उनका विरोध जारी रहेगा।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अप्रैल को सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में चार मुख्य आरोपियों—करण वर्मा, निर्भय सिंह उर्फ छोटका, कुणाल मुंडा और संतोष वर्मा—को मानगो बस स्टैंड से गिरफ्तार किया था। इनके पास से एक पिस्तौल और तीन चापड़ बरामद किए गए थे।
गौरतलब है कि 31 मार्च की रात पुराने विवाद को लेकर सन्नी और उसके साथी नंदू लोहार पर जानलेवा हमला किया गया था। फायरिंग के साथ उन पर धारदार हथियारों से वार किया गया, जिसमें सन्नी गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है।

