
उदित वाणी,जमशेदपुर: हाल के दिनों में प्रोपेन और अन्य हाइड्रोकार्बन गैसों की कमी के कारण कई औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर असर पड़ा है। आपूर्ति में बाधा और बढ़ती मांग के चलते उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन जैसे पीएनजी की ओर रुख करना पड़ रहा है।
गेल (इंडिया) लिमिटेड ने रिकॉर्ड समय में टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति शुरू कर दी है। प्रोपेन की कमी के कारण प्लांट के संचालन पर संकट के बीच यह पहल उद्योग के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
सिर्फ 9 दिनों में शुरू हुई आपूर्ति
गेल की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए महज 9 दिनों में गैस पाइपलाइन बिछाकर आपूर्ति शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि टीम ने लगातार 24 घंटे काम कर इस लक्ष्य को हासिल किया।
टाटा का दूसरा प्लांट PNG से जुड़ा
इस उपलब्धि के साथ जमशेदपुर का टाटा मोटर्स प्लांट क्षेत्र का दूसरा बड़ा टाटा प्लांट बन गया है, जो गेल की पीएनजी पर संचालित हो रहा है। इससे पहले टाटा स्टील का कॉम्बी मिल अक्टूबर 2025 से प्राकृतिक गैस पर चल रहा है।
सहयोगी प्रयास की सराहना
कमीशनिंग के दौरान गेल के जीएम/जीए इंचार्ज गौरी शंकर मिश्रा ने इस उपलब्धि को टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि गेल और टाटा की टीमों ने मिलकर युद्धस्तर पर काम करते हुए इस लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया।
इस मौके पर टाटा मोटर्स के जीएम गोलाम मंडल, टाउन एडमिनिस्ट्रेशन हेड रजत सिंह सहित दोनों कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।
औद्योगिक क्षेत्र पर फोकस बढ़ा रही गेल
गौरी शंकर मिश्रा ने बताया कि घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी के अलावा अब उद्योगों में भी गैस आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां एलपीजी, प्रोपेन या अन्य हाइड्रोकार्बन की कमी से संकट की स्थिति है, वहां पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जल्द 5 और उद्योगों को जोड़ेगी नेटवर्क से
गेल ने संकेत दिया है कि आने वाले कुछ हफ्तों में पांच और उद्योगों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र को स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा मिल सके।

