
उदित वाणी,रांची: झारखंड में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात की. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रताप साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर राज्य में ‘तुष्टीकरण जनित अपराधों’ पर तत्काल रोक लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
तुष्टीकरण की नीति से बढ़ा अपराधियों का मनोबल
डीजीपी को सौंपे गए पत्र में भाजपा ने आरोप लगाया है कि पिछले 6 वर्षों से राज्य सरकार की ‘तुष्टीकरण’ की नीति के कारण जनता भय के माहौल में जीने को मजबूर है. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि धार्मिक त्योहारों, शोभा यात्राओं और सांस्कृतिक अनुष्ठानों पर सुनियोजित तरीके से अड़ंगा डालने और पथराव करने की घटनाएं आम हो गई हैं. पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्तमान सरकार की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति से समाज में खाई बढ़ रही है.
खूंटी और अन्य जिलों की घटनाओं का हवाला
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी का ध्यान हाल ही की कुछ प्रमुख घटनाओं की ओर आकृष्ट कराया:
• खूंटी (मुरहू): 28 मार्च को रामनवमी जुलूस पर हुए पथराव की घटना की भाजपा जांच दल ने 31 मार्च को समीक्षा की. आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने एक समुदाय विशेष के नामजद अपराधियों को बचाने के लिए हिंदू समाज के निर्दोष लोगों पर ही सख्त धाराएं लगाकर मुकदमे दर्ज किए हैं.
• अन्य जिले: गिरिडीह के घोड़बंदा में होली के दौरान झड़प, हजारीबाग के कटकमसांडी में छठ व्रतियों से अभद्र व्यवहार, और लोहरदगा में शिवलिंग तोड़ने जैसी घटनाओं को ‘तुष्टीकरण’ का ज्वलंत उदाहरण बताया गया. • गौ-तस्करी: राज्य में बड़े पैमाने पर हो रही गौ-तस्करी और प्रतिबंधित मांस की बिक्री पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई.
भाजपा की प्रमुख मांगें:
भाजपा नेताओं ने डीजीपी के समक्ष चार मुख्य मांगें रखी हैं:
1. सनातन हिंदू समाज के पर्व-त्योहारों में बाधा डालने और पथराव करने वालों पर पूर्ण रोक लगे.
2. गौ-तस्करी और प्रतिबंधित मांस बेचने वालों पर कठोरतम कार्रवाई हो.
3. खूंटी (मुरहू) की घटना में निर्दोष हिंदुओं पर दर्ज एफआईआर (FIR) वापस ली जाए और उन्हें तुरंत मुक्त किया जाए.
4. सांप्रदायिक घटनाओं को अंजाम देने वाले नामजद अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित हो.
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा, राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल तथा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सीमा शर्मा मौजूद रहीं. भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष होकर विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की, तो जनता का प्रशासन से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा.

