
उदित वाणी जमशेदपुर/रांची: झारखंड अब साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहा. ‘प्रतिबिंब’ (Pratibimb) ऐप की मदद से 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद पुलिस ने झारखंड के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश किया है.
जादूगोड़ा में दिल्ली पुलिस की दबिश: 10 करोड़ का ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम
मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने जमशेदपुर के जादूगोड़ा में बड़ी कार्रवाई की. यहाँ से राज भकत और आकाश कुमार कालिंदी को गिरफ्तार किया गया है.
• अपराध का तरीका: यह गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश योजनाओं का लालच देता था और ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर लोगों को डराता था.
• नेटवर्क: इस गिरोह के तार दुबई और कंबोडिया जैसे देशों से जुड़े होने की आशंका है. अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का अनुमान है.
मुंबई के जज से ठगी: जामताड़ा का शातिर अपराधी गिरफ्तार
मार्च 2026 में मुंबई पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाते हुए जामताड़ा से मजहर आलम इसराइल मियां को दबोचा.
• शिकार: बॉम्बे हाईकोर्ट के एक माननीय जज.
• ठगी की तकनीक: आरोपी ने गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डाल रखा था. ‘क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट’ रिडीम करने के बहाने जज को एक घातक (Malicious) ऐप डाउनलोड कराया गया और उनके खाते से ₹6 लाख उड़ा लिए गए.
‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’: हैदराबाद पुलिस का 139 करोड़ का खुलासा
फरवरी और मार्च 2026 के दौरान हैदराबाद पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा, देवघर और गिरिडीह में श्रृंखलाबद्ध छापेमारी की.
• कार्रवाई: इस ऑपरेशन के तहत देश भर से 117 लोग पकड़े गए, जिनमें झारखंड के कई मास्टरमाइंड शामिल थे.
• बरामदगी: पुलिस ने ₹139 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन वाले बैंक खातों को फ्रीज किया और भारी मात्रा में फर्जी सिम व चेकबुक बरामद की.
‘DK Boss’ का अंत: जामताड़ा का 11 करोड़ वाला मैलवेयर किंग
वर्ष 2025 में जामताड़ा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने महबूब आलम (उर्फ DK Boss) को गिरफ्तार कर एक बड़े खतरे को टाला.
• विशेषज्ञता: यह अपराधी फर्जी APK फाइल और मैलवेयर बनाने में माहिर था.
• प्रभाव: इसने ‘PM किसान योजना’ के नाम पर फर्जी ऐप्स बनाकर देशभर के लगभग 2,800 लोगों से ₹11 करोड़ की ठगी की थी.

