
उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर में एक शातिर युवक ने दिनदहाड़े एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के गहनों की चोरी कर ली. यह घटना उलीडीह थाना क्षेत्र की है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शंकोसाई रोड नंबर-1 स्थित हरि मंदिर के पास विश्वनाथ ज्वेलर्स में एक युवक ग्राहक बनकर पहुंचा. उस समय दुकान में मौजूद अभिजीत, जो दुकानदार विश्वनाथ दत्ता का बेटा है, उसे विभिन्न आभूषण दिखाने लगा.
इसी दौरान युवक ने एक गहना पसंद करने का नाटक किया और ₹1,000 एडवांस देकर शाम को लेने की बात कहकर वहां से चला गया. कुछ देर बाद संदेह होने पर जब स्टॉक की जांच की गई तो एक डिब्बे में रखा कीमती आभूषण गायब पाया गया.

दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर स्पष्ट हुआ कि युवक ने बड़ी चालाकी से गहना पार कर लिया और फरार हो गया. चोरी हुए गहनों की कीमत लगभग ₹23–24 लाख आंकी जा रही है.
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी एक दिन पहले भी दुकान पर आया था और करीब ₹5,700 के गहने खरीदकर दुकानदार का भरोसा जीता था, जिसके बाद अगले दिन उसने इस वारदात को अंजाम दिया.
यह वारदात किसी स्थानीय अपराधी की नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर चोर की हो सकती है, जो पिछले कुछ महीनों से अलग-अलग राज्यों में इसी अंदाज में ज्वेलरी दुकानों को निशाना बना रहा है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार,, 17 जनवरी को हावड़ा के शिवपुर क्षेत्र स्थित एक आभूषण दुकान से लगभग 16 लाख रुपये के जेवरात साफ कर दिए गए थे. इससे पूर्व, 15 नवंबर 2025 को जयपुर में भी हुबहू इसी कार्यप्रणाली (Modus Operandi) से करीब 15 लाख रुपये की ज्वेलरी उड़ा ली गई थी. इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ के अनेक प्रतिष्ठानों में भी इस प्रकार के प्रकरण प्रकाश में आ चुके हैं. गढ़वा के रंका क्षेत्र में भी ऐसी ही वारदात की तस्दीक हुई है.
उल्लेखनीय है कि संबंधित अपराधी के विरुद्ध पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के विभिन्न जनपदों में आपराधिक मामले सूचीबद्ध हैं. मेदिनीनगर में भी एक आभूषण दुकान में सेंधमारी का प्रयास किया गया था, किंतु वहां आरोपी मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका.
सीसीटीवी फुटेज से कई मामले सामने आए
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से दो संदिग्धों की संलिप्तता सामने आई है. दोनों आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं. पहले ये दुकानों की रेकी करते हैं और ऐसी दुकान चुनते हैं जहां भीड़ कम हो या दुकानदार अकेला हो. इसके बाद ग्राहक बनकर ज्वेलरी देखने का बहाना करते हैं और मौका मिलते ही गहने लेकर फरार हो जाते हैं.
आरोपी की प्रोफाइल और कार्यप्रणाली (Modus Operandi)
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक पेशेवर अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का सदस्य हो सकता है, जिसका पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है. सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी की लंबाई लगभग 6 फीट 4.5 इंच है, जिससे उसकी पहचान करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है.
यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता है और मुख्य रूप से बाइक के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर वारदात को अंजाम देता है. चोरी करने के बाद ये लोग तुरंत दूसरे राज्य में निकल जाते हैं, जिससे पुलिस की पकड़ से बच सकें. यह गिरोह पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और जयपुर (राजस्थान) में सक्रिय बताया जा रहा है.

सीसीटीवी में कैद पूर्व वारदातें :
• 07 मई 2017 – पालक ज्वेलर्स
शुरुआती दर्ज मामलों में से एक, जिससे आरोपी के लंबे समय से इस तरह की वारदातों में शामिल होने का संकेत मिलता है.
• जून 2024 – एम.एन. ज्वेलर्स, चांदितल्ला (पश्चिम बंगाल)
दुकानदार जाकिर हुसैन की दुकान में चोरी कर आरोपी फरार हुआ; तरीका वर्तमान घटनाओं से मेल खाता है.
• सितंबर 2025 – खिदिरपुर, कोलकाता
आरोपी सीसीटीवी में कैद हुआ, जहां उसने ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाया.
• नवंबर 2025 – जयपुर (राजस्थान)
चोरी की घटना सामने आई, जिससे गिरोह की अंतरराज्यीय सक्रियता का पता चलता है.
• 11 दिसंबर 2025 – गढ़वा (झारखंड)
ग्राहक बनकर दुकान मालिक को उलझाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया.
• 18 दिसंबर 2025 – विजय ज्वेलर्स, मुंगेर (बिहार)
बेगापुर रोड स्थित दुकान से चोरी कर आरोपी फरार हुआ; वही पुराना तरीका अपनाया गया.
• 17 जनवरी 2026 – डायमंड ज्वेलर्स, शिबपुर, हावड़ा (पश्चिम बंगाल)
ग्राहक बनकर दुकान में घुसा, दुकानदार को उलझाया और गहने लेकर फरार हो गया.
• 17 जनवरी 2026 – जीटी रोड, शिबपुर (हावड़ा)
करीब ₹16 लाख के गहनों से भरा डिब्बा छीनकर भीड़ में फरार हो गया.
• 18 जनवरी 2026 – डायमंड ज्वेलर्स, शिबपुर, हावड़ा
उसी क्षेत्र में दोबारा गतिविधि, जिससे बार-बार टारगेट करने की प्रवृत्ति सामने आई.
• 21 फरवरी 2026 – डाल्टनगंज (झारखंड)
एक ज्वेलरी दुकान में गया, लेकिन चोरी करने में असफल रहा और आगे बढ़ गया.
• 21 फरवरी 2026 – नरेश बाबू सर्राफ, गढ़वा (झारखंड)
साथी के साथ मिलकर दुकानदार को उलझाया और करीब 150 ग्राम सोने के लॉकेट चोरी कर बाइक से फरार हो गया.
• 21 फरवरी 2026 – गढ़वा (पुरानी बाजार क्षेत्र)
दिनदहाड़े करीब ₹20 लाख की ज्वेलरी चोरी; दो आरोपी ग्राहक बनकर आए और वारदात को अंजाम दिया.

