
जमशेदपुर: शहर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्था नारायणी सेवा ट्रस्ट, जमशेदपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा का शुभारंभ मंगलवार को साकची स्थित चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागार, बोधि मंदिर मैदान में हुआ। कथा के प्रथम दिन विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता पूज्या सुश्री जया किशोरी ने व्यास पीठ से अपनी सुमधुर वाणी के माध्यम से भक्त नरसी मेहता के जीवन, उनकी अटूट आस्था और प्रभु श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के दौरान जया किशोरी ने नरसी मेहता की भक्ति, सादगी और प्रेममयी जीवन शैली को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैसे नरसी जी ने भगवान शिव की आराधना कर महारास के दर्शन प्राप्त किए और श्रीकृष्ण भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को समर्पित किया। उन्होंने यह भी बताया कि नरसी जी बचपन से मूक-बधिर थे, लेकिन भगवान की कृपा से उन्हें वाणी प्राप्त हुई।

जया किशोरी ने ‘नानी बाई रो मायरो’ प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति और विश्वास से असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने बताया कि गरीबी के बावजूद नरसी मेहता ने भगवान पर अटूट विश्वास बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने उनका रूप धारण कर उनकी पुत्री नानी बाई के ससुराल में अपेक्षा से चार गुना अधिक मायरा भरा। यह प्रसंग आस्था, विश्वास और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है।
कथा की शुरुआत में विवाह के बाद एक लड़की के जीवन में आने वाले बदलावों का भी उल्लेख किया गया, जिसे कथा के भाव से जोड़ा गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से गणेश वंदना, कलश स्थापना, नवग्रह पूजन और ठाकुर जी (श्रीकृष्ण) की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। कोलकाता से आए आचार्य अभिषेक तिवारी ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इसके बाद व्यास पीठ पर विराजमान जया किशोरी का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
कथा स्थल पर पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। लगभग 6 हजार से अधिक भक्तों ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। आयोजन 2 अप्रैल तक चलेगा। दूसरे दिन 1 अप्रैल को कुमकुम पत्रिका, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण-नरसी मिलन की कथा का वाचन किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार चंदूका सहित राजकुमार संघी, कैलाश सरायवाला, विजय मित्तल, अनिल नरेडी, ललित सरायवाला, नवीन पोद्दार, किशन सोंथालिया, अभिषेक भालोटिया, रोहित अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, राम रतन कांवटिया, समीर दिवान, अजय खेमका, अजय अग्रवाल, नेहा सोंथालिया, मेघा चौधरी, कृतिका गुप्ता, रिंकी भालोटिया, विजय लक्ष्मी भालोटिया और स्नेहा अग्रवाल सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा।

