
उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर के विभिन्न सैरात बाजारों के व्यापारियों ने दुकानों का मासिक किराया बेतहाशा बढ़ाए जाने के विरोध में मंगलवार को जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (JNAC) कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में व्यापारी जमशेदपुर ऑल मार्केट एसोसिएशन (JAMA) के बैनर तले एकजुट हुए और किराया वृद्धि के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई.
बिना सूचना बढ़ाया गया किराया
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना और व्यापारियों से चर्चा किए ही मार्केट का किराया बढ़ा दिया गया है. उनका कहना था कि यह फैसला पूरी तरह से एकतरफा और अनुचित है, जिससे व्यापारियों में भारी असंतोष है.
मंदी के बीच बढ़ा आर्थिक बोझ
व्यापारियों ने बताया कि पहले से ही बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है और छोटे दुकानदार आर्थिक दबाव झेल रहे हैं. ऐसे समय में किराया बढ़ाना उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है, जिससे रोजमर्रा के व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
छोटे दुकानदारों पर पड़ेगा असर
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि किराया वृद्धि का सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम वर्ग के दुकानदारों पर पड़ेगा. इससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी तथा कई दुकानदारों के सामने व्यवसाय चलाना मुश्किल हो सकता है.
किराया वृद्धि के आंकड़े और प्रभावित बाजार
व्यापारियों के अनुसार, जिन दुकानों का किराया पहले ₹300 से ₹500 प्रति माह था, उसे बढ़ाकर ₹3,000 से ₹7,000 तक कर दिया गया है. इस फैसले से शहर के लगभग 10 सैरात बाजार प्रभावित हैं, जिनमें साकची, बिष्टुपुर, कदमा, सोनारी और गोलमुरी जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं.
प्रशासन से बातचीत की मांग
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बढ़ाए गए किराये को तुरंत वापस लिया जाए और इस मुद्दे पर व्यापारियों के साथ बैठक कर सहमति से समाधान निकाला जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

