
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के तुलसी भवन में बाल कल्याण संघ एवं मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का रविवार को शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को बाल श्रम, बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करते हुए उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है. इस कार्यक्रम में पटमदा, बोड़ाम और घाटशिला प्रखंड के कई युवाओं ने भाग लिया.
विशेष अभियान से जुड़े युवा
कार्यक्रम में शामिल सभी युवा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के एक विशेष अभियान का हिस्सा हैं. इस अभियान के तहत झारखंड सरकार के सहयोग से कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे 1000 बच्चों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने और उन्हें आजीविका के माध्यम से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसी उद्देश्य से युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे अपने गांवों में बच्चों को स्कूल से जोड़ें, बाल श्रम और बाल विवाह को रोकें तथा सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा दें.
संवाद और चर्चा से निकले समाधान
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई. पहले दिन संवाद सत्र और समूह चर्चा के माध्यम से युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं की पहचान की और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया. युवाओं ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया.
सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
तुलसी भवन के सचिव प्रसेनजीत तिवारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुरीतियां समाज की मानसिकता और जागरूकता की कमी के कारण बढ़ती हैं. युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल समस्याओं के दर्शक न बनें, बल्कि समाधान का हिस्सा बनें. उन्होंने कहा कि यदि युवा संकल्प लें, तो इन कुरीतियों को परिवार से लेकर समाज और राष्ट्र स्तर तक समाप्त किया जा सकता है.
जमीनी स्तर पर बदलाव की अपील
बाल कल्याण संघ की स्टेट हेड शिवानी प्रिया ने कहा कि आज के युवाओं में समझ, ऊर्जा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन वास्तविक बदलाव तब आता है जब यह सोच जमीन पर कार्य के रूप में दिखाई दे. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बच्चों को स्कूल से जोड़ने, परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
पहचान और रोकथाम पर मार्गदर्शन
मिरेकल फाउंडेशन इंडिया की स्टेट हेड नीपा दास ने बाल श्रम और बाल विवाह की पहचान के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यदि कोई बच्चा स्कूल छोड़कर काम करता दिखाई दे या कम उम्र में विवाह की तैयारी हो रही हो, तो ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क होकर उचित कदम उठाना आवश्यक है.
समाज में बदलाव का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे. इस पहल के माध्यम से परिवार से लेकर समाज तक बदलाव की नई सोच को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई.

