उदित वाणी, जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर में शुक्रवार को उत्साह और श्रद्धा के साथ रामनवमी मनाने के बाद आज शनिवार को विसर्जन जुलूस के दौरान भक्ति का अद्भुत चरमोत्कर्ष देखने को मिला. शहर की सड़कों पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरी नगरी ‘राममय’ नजर आई. दोपहर बाद से ही विभिन्न इलाकों की 175 से ज्यादा अखाड़ा समितियों ने गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी विसर्जन यात्राएं प्रारंभ कर दीं.

शौर्य प्रदर्शन व झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
जुलूस में शामिल रामभक्तों की टोली ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ आगे बढ़ रही थी. अखाड़ा समितियों द्वारा निकाली गई झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं, जिनमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया गया. विसर्जन मार्ग पर युवाओं ने हैरतअंगेज पारंपरिक करतब दिखाए. लाठी-डंडे और तलवारबाजी के प्रदर्शन ने दर्शकों में जोश भर दिया.
सुहाना मौसम व जनसेवा का जज्बा
दोपहर की तपन के बाद शाम होते-होते मौसम भी अनुकूल और खुशनुमा हो चला, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया. जुलूस के पूरे मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए थे. कहीं ठंडे शरबत और पानी की व्यवस्था थी, तो कहीं फल और प्रसाद का वितरण किया जा रहा था. सड़कों के किनारे हजारों की संख्या में आम जनता का ‘सैलाब’ खड़ा होकर रामभक्तों का हौसला बढ़ाता दिखा.

सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, ड्रोन से निगरानी
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से पूरे जुलूस मार्ग की निगरानी की जा रही है. जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं ताकि देर रात तक चलने वाला यह विसर्जन उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.

नदी घाटों पर उमड़ी भीड़
शहर के स्वर्णरेखा और खरकई नदी घाटों पर विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. जैसे-जैसे शाम ढल रही है, अखाड़ों का काफिला धीरे-धीरे घाटों की ओर बढ़ रहा है. विसर्जन के साथ ही शहर में 10 दिनों से चल रहे रामनवमी उत्सव का औपचारिक समापन होगा. वास्तव में जमशेदपुर की मिट्टी आज राम नाम के रंग में रंगी है. हर चेहरा भक्ति से सराबोर है और हर हाथ में लहराता महावीरी झंडा हमारी सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया है.


