
उदित वाणी, नई दिल्ली/झारखंड : देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. 1 मार्च 2026 तक FAME-II योजना के तहत पूरे देश में स्वीकृत 9,332 चार्जिंग स्टेशनों के मुकाबले 6,645 ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन चालू हो चुके हैं.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, झारखंड में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा 169 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं. इन स्टेशनों की स्थापना विभिन्न राज्यों में व्यवहार्यता, मांग और संभावित उपयोग को ध्यान में रखते हुए की गई है.

FAME-II योजना का विवरण
फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME-II) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत ईवी खरीद पर प्रोत्साहन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और घरेलू निर्माण को प्रोत्साहित किया जाता है.
इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, ताकि ईवी उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिले और ‘रेंज एंग्जायटी’ की समस्या कम हो सके.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिशा-निर्देश
चार्जिंग नेटवर्क को सुव्यवस्थित और मानकीकृत बनाने के लिए बिजली मंत्रालय ने सितंबर 2024 में “इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना एवं संचालन हेतु दिशा-निर्देश-2024” जारी किए हैं. इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य एक कनेक्टेड और इंटरऑपरेबल चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है.
इसके अलावा, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने ईवी चार्जिंग से जुड़े विभिन्न मानक जारी किए हैं, जिनमें कनेक्टर, कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल, इलेक्ट्रिक व्हीकल सप्लाई इक्विपमेंट (EVSE) और बैटरी स्वैपिंग सिस्टम की सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भी AIS मानकों में संशोधन कर वाहन इनलेट कनेक्टर्स के तकनीकी मानक निर्धारित किए हैं, ताकि विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए चार्जिंग सिस्टम में एकरूपता सुनिश्चित की जा सके.
झारखंड सहित देशभर में पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के इस विस्तार से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलने और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है.

