
उदित वाणी,जमशेदपुर: जमशेदपुर में रामनवमी का उत्साह, व्यवस्था और सुरक्षा दोनों मजबूत, तैयारियां अंतिम चरण में
जमशेदपुर: रामनवमी को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं. जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है. शोभायात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
रामनवमी के दिन और उससे पहले शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. प्रमुख मंदिरों और मस्जिदों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. देर रात और सुबह के समय गश्त तेज कर दी गई है. पूरे शहर को रामनवमी के दौरान पुलिस छावनी में तब्दील करने की तैयारी है, ताकि असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके. पूर्व के रिकार्ड के आधार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है. साकची, मानगो, जुगसलाई, मुसाबनी, पोटका, सीतारामडेरा और गोलमुरी पर विशेष नजर रहेगी. जिला नियंत्रण कक्ष को भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां से पूरे आयोजन पर नजर रखी जाएगी और किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान किया जाएगा.
फ्लैग मार्च और लगातार निगरानी
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मानगो, कदमा सहित विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया गया है. जुलूस की शुरुआत से लेकर उसके समापन और वापसी तक पुलिस की निगरानी लगातार बनी रहेगी. विसर्जन जुलूस के दौरान भी पुलिस बल जुलूस के साथ रहेगा.
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव: बसों – ऑटो का परिचालन बंद
27 और 28 मार्च को जमशेदपुर में भारी और व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा.
28 मार्च को दोपहर एक बजे से 29 मार्च सुबह 6 बजे तक भुईयांडीह बस स्टैंड से बसों का परिचालन बंद रहेगा. लंबी दूरी की बसें पारडीह चौक एवं मरीन ड्राइव से ही संचालित होंगी. चाईबासा और ओडिशा जाने वाली बसों का परिचालन टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित रेलवे एसपी कार्यालय के पिछले हिस्से से होगा.
वहीं शनिवार 28 मार्च को दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर ऑटो और तीन पहिया वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी. इस दौरान साकची गोलचक्कर, गोलमुरी चौक, बंगाल क्लब, पुराने कोर्ट मोड़ और स्वर्णरेखा घाट जाने वाले मार्गों पर तीन पहिया वाहनों का चलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
38 स्थानों पर बैरिकेडिंग
शहर के 38 महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेडिंग और अस्थायी चेक पोस्ट बनाए गए हैं. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं और जुलूस मार्गों पर नो-एंट्री के नियम सख्ती से लागू रहेंगे.
28 मार्च को ड्राइ डे
रामनवमी के दिन 28 मार्च को पूरे शहर में शराबबंदी लागू रहेगी, ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.
340 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
तकनीकी निगरानी को मजबूत करते हुए शहर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या 200 से बढ़ाकर 340 कर दी गई है. इसके अलावा शोभायात्रा मार्ग और घाटों पर ड्रोन और वीडियो कैमरों के जरिए भी नजर रखी जाएगी.
1900 जवानों की तैनाती
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए इस बार कुल 1900 जवानों की तैनाती की गई है. इनमें 1300 जिला पुलिस के जवान और 600 बाहरी बल शामिल हैं. इसके अलावा आरएपी और जैप-6 की विशेष टुकड़ियां भी तैनात रहेंगी. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी बुलाया जा सकता है.
जमशेदपुर में बारिश और वज्रपात का ‘येलो अलर्ट’
लौहनगरी जमशेदपुर में रामनवमी की खुशियों के बीच मौसम विभाग ने अखाड़ा समितियों और श्रद्धालुओं के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. विभाग के अनुसार, 27 मार्च से शुरू हो रहा मौसमी बदलाव 28 मार्च को और भी असरदार हो सकता है, जिससे विसर्जन जुलूस में बाधा आने की आशंका है. शनिवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और पारा गिरकर 35°C तक पहुंच सकता है, जिससे भीषण गर्मी से तो राहत मिलेगी लेकिन उमस काफी बढ़ जाएगी. दिन भर बादलों की लुका-छिपी के बीच हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 15 प्रतिशत संभावना जताई गई है. इसके साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं जुलूस के ऊंचे झंडों और तोरण द्वारों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं. मौसम केंद्र ने विशेष रूप से मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी देते हुए अखाड़ा समितियों को बिजली के तारों और ऊंचे पेड़ों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है.
नागरिक सुविधाएं
प्रशासन ने सभी अखाड़ा समितियों और आयोजकों से शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा निकालने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है. भीड़ नियंत्रण के लिए वॉलंटियर रखने को भी कहा गया है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. जरूरत के अनुसार एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य संसाधनों की तैनाती की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि रामनवमी का पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके.

