
उदित वाणी, जमशेदपुर: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में डाकिया योजना के तहत पीवीटीजी परिवारों को राशन वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की प्रगति, लंबित राशन कार्ड निर्गमन, डोर स्टेप डिलीवरी, बैकलॉग वितरण, नमक योजना, मुख्यमंत्री चना-दाल वितरण और धान अधिप्राप्ति योजना समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई.
राशन वितरण में पारदर्शिता और पात्रता पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर राशन कार्डधारियों के अधिकारों का हनन न हो. अयोग्य लाभुकों को सूची से हटाने और पात्र लोगों को जोड़ने के लिए सत्यापन कार्य में तेजी लाने को कहा गया. उन्होंने समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन और शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष बल दिया.
नवनियुक्त अधिकारियों को जिम्मेदारी का अहसास कराने का निर्देश
उपायुक्त ने आपूर्ति विभाग में नवनियुक्त पणन अधिकारियों को अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करने के साथ आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध रहने को कहा. उन्होंने कहा कि कार्यकुशलता, तत्परता और संवेदनशीलता से ही सरकार की छवि बेहतर बनती है. साथ ही अधिकारियों को विभागीय व्यवस्था और संस्थानों का भ्रमण कर दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
औचक निरीक्षण और समय पर वितरण सुनिश्चित करने पर बल
बैठक में सभी पदाधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने और निर्धारित मात्रा एवं समय पर राशन वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. धान अधिप्राप्ति योजना के तहत किसानों को लैंपस के माध्यम से धान बेचने के लिए प्रेरित करने और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर भी जोर दिया गया.
शिकायतों और लंबित आवेदनों की समीक्षा
पीजीएमएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों और ईआरसीएमएस के अंतर्गत डीएसओ एवं बीएसओ स्तर पर लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए उन्हें समय सीमा में निष्पादित करने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया.
बैठक में एडीएम एसओआर राहुल आनंद, सहकारिता पदाधिकारी आशा टोप्पो समेत संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

