
उदित वाणी,कोलकाता/गुवाहाटी: भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों की बढ़ती दक्षता और क्षमता का प्रदर्शन करते हुए लगभग 1,500 मीट्रिक टन हाई-वैल्यू कार्गो को कोलकाता से गुवाहाटी के पांडु तक सफलतापूर्वक पहुँचाया गया है।
यह परिवहन भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल (IBP) मार्ग के माध्यम से संपन्न हुआ, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए रसद (Logistics) के एक किफायती और सुगम विकल्प के रूप में उभरा है।
टाटा स्टील और एलएंडटी के बीच बड़ा समन्वय: यह महत्वपूर्ण शिपमेंट टाटा स्टील लिमिटेड द्वारा लार्सन एंड टुब्रो (L&T) लिमिटेड के लिए भेजा गया था। इस खेप में मुख्य रूप से दो प्रकार के उत्पाद शामिल थे:
• टाटा स्टील द्वारा भेजा गया लगभग 1,199 मीट्रिक टन वजन वाले ग्रेनुलेटेड ब्लास्ट फर्नेस स्लैग (Granulated Blast Furnace Slag) के 23,980 बैग
• SAIL द्वारा भेजे गए 300 मीट्रिक टन TMT बार (TMT Bars)
जलमार्ग की शक्ति: एमवी त्रिशूल का सफर
इस माल की ढुलाई ‘एमवी त्रिशूल’ (MV Trishul) नामक टग द्वारा की गई, जिसके साथ दो बड़े बार्जेस (Barges) ‘डी.बी. दिखू’ और ‘डी.बी. अजय’ भी शामिल थे। इस सफल यात्रा ने साबित कर दिया है कि भारी और थोक माल के परिवहन के लिए पारंपरिक सड़क या रेल मार्ग के मुकाबले जलमार्ग एक लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।
IWAI की अहम भूमिका
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने इस निर्बाध परिवहन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह परियोजना मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र (Northeast) को मुख्य भूमि भारत से जोड़ने के सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा है।
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