
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूरे देश में चुनाव आयोग (ईसीआई) के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर) का कार्य तेजी से चल रहा है। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में भी इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां फिलहाल प्री-एसआईआर अभियान के तहत मतदाताओं का सत्यापन बूथ स्तर पर किया जा रहा है।
– 28 व 29 मार्च को फिर से मतदान केंद्रों पर लगेगा शिविर
– पूर्वी सिंहभूम जिले में एसआईआर की धीमी प्रगति
रविवार को जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित कर मतदाताओं की मैपिंग की गई। इस बार पुनरीक्षण प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया गया है—मतदाताओं को यह प्रमाणित करना होगा कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके माता-पिता या दादा-दादी में से किसी एक का नाम दर्ज था।
कैसे होगा सत्यापन
मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र और बूथ नंबर के आधार पर माता-पिता का ई पी आई सी नंबर निकालकर संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क करना होगा। बीएलओ द्वारा मैपिंग और सत्यापन के बाद ही नाम को नई मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रशासन ने गत 22 मार्च को प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बीएलओ की तैनाती कर कैंप आयोजित किए। यहां मतदाताओं को पहचान पत्र, पुराने वोटर रिकॉर्ड और पारिवारिक दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया, ताकि सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके।
सत्यापन नहीं कराया तो मिलेगा नोटिस
अधिकारियों के अनुसार, जो मतदाता अब तक सत्यापन नहीं करा पाए हैं, उन्हें व्यक्तिगत नोटिस भेजा जाएगा। ऐसे मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक प्रमाण देना होगा।
यदि निर्धारित समय में सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो आगामी पुनरीक्षण में उनका नाम मतदाता सूची से हटाया भी जा सकता है।
अप्रैल से चलेगा मुख्य अभियान
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, 28 और 29 मार्च को दोबारा विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल के पहले सप्ताह से पूरे राज्य में मुख्य एसआईआर अभियान शुरू होने की संभावना है। इस दौरान नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा, जबकि मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाया जाएगा।
कम मतदान वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस
जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनावों में अपेक्षाकृत कम मतदान प्रतिशत को देखते हुए इस बार अभियान को अधिक सख्ती और व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक योग्य मतदाता सूची में शामिल हो सकें।

