
उदित वाणी, रांची : झारखंड के दुर्गम और मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. 24-25 मार्च 2026 को रांची के कांके रोड स्थित होटल Le Lac, Old Hazaribagh Road में इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोग्राम 3 (IMEP 3) के तहत दो दिवसीय समीक्षा एवं योजना निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.
कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) एवं चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (CINI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य झारखंड के मलेरिया प्रभावित जिलों—खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पाकुड़ एवं गोड्डा—में चल रहे कार्यों की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति तय करना है.

राज्य को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल से झारखंड के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी. IMEP 3 के तहत चयनित 21 प्रखंडों के 115 अत्यंत दुर्गम गांवों में मलेरिया उन्मूलन गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाएगा.
गांव स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों (CHV) की नियुक्ति से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे मलेरिया के मामलों में कमी आने की उम्मीद है.

विशेषज्ञों की भागीदारी से मिलेगा दिशा
कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं. इनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा (IAS), स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, और मलेरिया नियंत्रण से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं. इनकी मौजूदगी से नीति निर्माण और कार्यान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा.
मैदान स्तर की चुनौतियों पर चर्चा
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान फील्ड स्तर की समस्याओं, नवाचारों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. साथ ही, प्रशिक्षण, स्कूल जागरूकता, माइक्रोप्लानिंग, घर-घर संपर्क, शीघ्र जांच और पूर्ण उपचार जैसी गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी.
आगामी रणनीति से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे मलेरिया उन्मूलन के प्रयासों को और गति मिलेगी. दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर विशेष जोर दिया जाएगा.
झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा कार्यक्रम
NVBDCP और CINI को विश्वास है कि यह संयुक्त पहल राज्य के मलेरिया उन्मूलन अभियान को नई दिशा देगी. इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जीवन स्तर भी बेहतर होगा.

