उदित वाणी, जमशेदपुर: पीएम गति शक्ति के तहत जमशेदपुर के लिए समेकित लॉजिस्टिक प्लान पर मंथन, अप्रैल के पहले सप्ताह तक मांगे गए सुझाव
औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी पर फोकस
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत जमशेदपुर को एक सशक्त औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से समेकित लॉजिस्टिक प्लान की रूपरेखा तैयार करने को लेकर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और स्टेकहोल्डर्स के साथ औद्योगिक विकास, परिवहन व्यवस्था और लॉजिस्टिक सुधार पर विस्तार से चर्चा हुई।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर
बैठक में माल परिवहन की दक्षता बढ़ाने, परिवहन को सुगम बनाने और लॉजिस्टिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ सड़क, रेल एवं अन्य परिवहन अवसंरचना को एकीकृत दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए अपनी आवश्यकताओं का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें।
उन्होंने बताया कि इस समेकित प्रतिवेदन को भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पीएम गति शक्ति के तहत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, उद्योगों की लागत में कमी आएगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अप्रैल के पहले सप्ताह तक सुझाव आमंत्रित
उपायुक्त ने उद्योग महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित कर अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक सुझाव आमंत्रित किए जाएं। साथ ही आवश्यकता के अनुसार अनुभवी कंसलटेंट की मदद से समेकित प्रतिवेदन तैयार करने को कहा गया।
उद्योगों और एजेंसियों ने दिए सुझाव
बैठक में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, नुवोको सीमेंट, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, एनएचएआई एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने अपने सुझाव और आवश्यकताओं को साझा किया तथा लॉजिस्टिक प्लान को प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति जताई।


