
उदित वाणी, नई दिल्ली : नई दिल्ली स्थित Constitution Club of India में 21 मार्च 2026 को अकादमिया–कॉरपोरेट–सोसाइटी रिस्पॉन्सिबिलिटी (ACSR) कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आयोजन किया गया. इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का मुख्य विषय “सतत सामाजिक प्रभाव के लिए अकादमिक संस्थानों, कॉरपोरेट जगत और समुदायों का समन्वय” रहा.
आयोजन का उद्देश्य और सहयोग
इस कार्यक्रम का आयोजन MSVS द्वारा IIT Delhi CRDT के सहयोग से किया गया. इसका उद्देश्य CSR, NSS और उन्नत भारत अभियान जैसी पहलों के माध्यम से शिक्षा, उद्योग और समाज के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था.

मुख्य अतिथि ने पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Rajiv Kumar ने कहा कि उद्योग जगत को आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभाना चाहिए. उन्होंने सतत विकास के लिए उद्योगों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया.
ग्रामीण विकास में छात्रों की भूमिका अहम
Tejaswini Ananth Kumar ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण विकास में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि छात्र सहभागिता से कम समय में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण जैसे कार्य संभव हैं.
शिक्षा के साथ सामुदायिक सहभागिता जरूरी
S Ranganathan ने कहा कि अकादमिक संस्थानों को केवल शिक्षा और शोध तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दीर्घकालिक सामुदायिक सहभागिता और छात्र भागीदारी को भी पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए.
उद्योग और शिक्षा के संयुक्त प्रयास से होगा ग्राम विकास
कार्यक्रम के सह-संयोजक एवं संस्थान के सचिव ने बताया कि जहां उच्च शिक्षण संस्थान NSS और उन्नत भारत अभियान के तहत गांवों में कार्य करते हैं, वहीं उद्योग जगत CSR के माध्यम से विकास में योगदान देता है. दोनों के समन्वय से ग्राम विकास अधिक प्रभावी हो सकता है.
विभिन्न विषयों पर हुआ मंथन
कॉन्क्लेव में CSR नीति, ग्राम विकास, छात्र सहभागिता, उद्योग–समाज सहयोग, आवश्यकता आधारित शोध और टिकाऊ विकास मॉडल जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई. इस दौरान Tata Steel, ArcelorMittal, Aditya Birla Group सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए.
विभिन्न संस्थानों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में NIRDPR, IIT Delhi, IRIS, Vido Money और अभय सारथी सहित कई संस्थानों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और सामाजिक क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ और समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया.

