
उदित वाणी, रांची : कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आवास को गुरूवार को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। योगेंद्र साव की बेटी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर तीखी नाराजगी जताई और इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की धमकी दी है।
अंचलाधिकारी की निगरानी में तीन पोकलेन मशीनों को लगाकर कुछ ही घंटों में पूरे मकान को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड के जोरदाग गांव में बेहद तनावपूर्ण और हलचल भरे माहौल में उक्त कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने के पहले सुबह से ही इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। जिससे पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जिस जमीन पर यह आवास बना हुआ था। उसे पहले ही चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना के विस्तार के लिए अधिग्रहित किया जा चुका है। यह परियोजना एनटीपीसी के अधीन संचालित हो रही है। जिसे क्षेत्र के विकास और ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि परियोजना में बाधा बन रही संरचनाओं को हटाना आवश्यक था। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई। वहीं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन के बदले उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। इसी मांग को लेकर वे पिछले कई दिनों से अपने परिवार के साथ धरने पर बैठे हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन में उनकी पत्नी निर्मला देवी और बेटी अंबा प्रसाद भी थी।

