
उदित वाणी, जमशेदपुर : साकची थाना पुलिस ने करोड़ों की ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अजय अग्रवाल को रांची से गिरफ्तार कर लिया है. मंगलवार देर शाम विशेष टीम उसे पकड़कर साकची थाना लेकर पहुंची, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी अजय अग्रवाल पर आदित्यपुर और जमशेदपुर के कई व्यवसायियों को “ग्रीन वाटिका बिल्डिंग प्रोजेक्ट” में निवेश के नाम पर झांसा देकर करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है. इस मामले की जड़ें वर्ष 2024 से जुड़ी हुई हैं, जब बड़े मुनाफे और फ्लैट देने का लालच देकर निवेश करवाया गया था.
साकची के राजेंद्र नगर निवासी 56 वर्षीय व्यवसायी शंकर लाल अग्रवाल ने वर्ष 2025 में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिचित रमेश चंद्र अग्रवाल ने अपने बेटे अजय अग्रवाल के प्रोजेक्ट में निवेश करने का प्रस्ताव दिया था. भरोसा दिलाने के लिए आरोपी का पूरा परिवार -अजय, राजेश, सोनम, सुमिता और गौरव -उनके घर पहुंचा और खुद को झारखंड में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स चलाने वाला बताया.
आरोप है कि 12 अप्रैल 2024 को शंकर लाल ने अपने घर पर ही 1.25 करोड़ रुपये नकद सौंप दिए. बदले में उन्हें आदित्यपुर की जमीन दिखाकर पांच फ्लैटों का एग्रीमेंट दिया गया. लेकिन 2025 में जब उन्होंने साइट का निरीक्षण किया, तो वहां कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा था.
सच सामने आने पर आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में अजय अग्रवाल फरार हो गया. पैसे वापस मांगने पर पीड़ित के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी गई. इतना ही नहीं, आरोपियों ने फर्जी रसीद और जाली हस्ताक्षरों के जरिए यह साबित करने की कोशिश की कि रकम बैंक के माध्यम से लौटा दी गई है.
साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है.

