उदित वाणी रांची/गढ़वा/सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले स्थित 1,200 मेगावाट क्षमता वाले अदाणी पावर प्लांट में झारखंड के एक श्रमिक की मौत के बाद मजदूरों के बीच भारी आक्रोश फैल गया। मृतक की पहचान झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी लल्लन सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद प्लांट परिसर में मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए तोड़फोड़ और आगजनी कर दी।
जानकारी के अनुसार, लल्लन सिंह लंबे समय से प्लांट में कार्यरत थे। शुक्रवार (13 मार्च) की रात उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। शनिवार (14 मार्च) को जब यह खबर अन्य मजदूरों तक पहुंची तो वे आक्रोशित हो उठे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और मजदूरों ने कंपनी के कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी।
प्रदर्शन के दौरान प्लांट परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के पहुंचने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित मजदूरों ने पुलिस की जीप के शीशे भी तोड़ दिए। घटना के दौरान परिसर के एक हिस्से में आगजनी की भी सूचना है। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा और करीब 200 पुलिसकर्मियों को इलाके में लगाया गया।
मजदूरों का आरोप है कि लल्लन सिंह की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण हुई, जबकि कंपनी प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का यह भी कहना था कि घटना के बाद शव को छिपाने की कोशिश की गई, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया।
वहीं कंपनी प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि श्रमिक की मौत उसके आवास पर हुई और प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। सिंगरौली जिला प्रशासन के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए बैढ़न ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
गौरतलब है कि रोज़गार के लिए झारखंड के बड़ी संख्या में मजदूर देश के विभिन्न राज्यों में काम करते हैं। हाल के दिनों में बाहर काम कर रहे झारखंडी मजदूरों की मौत की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। कुछ समय पहले ही हरियाणा के गुरुग्राम में एक निर्माणाधीन साइट पर हुए हादसे में झारखंड के छह मजदूरों की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने दूसरे राज्यों में काम कर रहे झारखंडी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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