
उदित वाणी, रांची/घाटशिला : मुसाबनी में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) का 300 बेड वाला अस्पताल वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मुद्दे को घाटशिला से झामुमो विधायक सोमेश सोरेन ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया.
पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी क्षेत्र में पहले आईसीसी/एचसीएल कंपनी द्वारा अस्पताल संचालित किया जाता था, जिस पर आसपास के हजारों लोगों का इलाज के लिए मुख्य रूप से भरोसा था. लेकिन वर्ष 2019 के आसपास कंपनी द्वारा अस्पताल को खाली करना शुरू कर दिया गया और धीरे-धीरे यह पूरी तरह बंद हो गया.
विधायक ने कहा कि अस्पताल के बंद हो जाने से मुसाबनी और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज के लिए घाटशिला, जमशेदपुर या अन्य दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है. इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
विधायक सोमेश सोरेन ने विधानसभा में मांग की मुसाबनी में शीघ्र एक सरकारी अस्पताल स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.
उन्होंने कहा कि अस्पताल की सुविधा उपलब्ध होने से न केवल मुसाबनी बल्कि आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी राहत मिलेगी.

