
उदित वाणी, जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े विवाह के झांसे में शारीरिक शोषण के चर्चित मामले में आरोपी विनायक दास को अदालत से राहत मिली है. जमशेदपुर कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए विधि अनुसार बरी कर दिया.
मामले में सरोजनी कुमारी नामक महिला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2018 से 2022 के बीच विनायक दास ने शादी का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन विवाह की बारी आने पर मुंह मोड़ लिया. महिला ने इसे धोखाधड़ी और शारीरिक शोषण करार देते हुए 8 अक्तूबर 2022 को वाद दायर किया था.
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता पक्ष आरोपों के समर्थन में ठोस व पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा. आवश्यक गवाहों की अनुपस्थिति और अभियोजन द्वारा आरोप सिद्ध न कर पाने के कारण न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया.
उक्त वाद में अभियुक्त की ओर से पैरवी अधिवक्ता स्वाति मित्रा ने की. अदालत के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए आरोपी को राहत प्रदान की गई.
