
उदित वाणी, जमशेदपुर : भारतीय धातु संस्थान (आईआईएम), कोलकाता चैप्टर ने अपने हीरक जयंती वर्ष के अवसर पर मेटल्स@ग्रीन.इन सम्मेलन का आयोजन किया. इस सम्मेलन में उद्योग, अकादमिक जगत और सरकार के प्रमुख विशेषज्ञ एक साथ आए, ताकि भारत के धातुकर्म और सामग्री क्षेत्र में स्थिरता को तेजी से बढ़ावा दिया जा सके. कोलकाता में आयोजित इस सम्मेलन में कार्बन कटौती, स्वच्छ प्रौद्योगिकियां, सर्कुलर इकोनॉमी, अपशिष्ट मूल्य संवर्धन (वेस्ट वैलोराइजेशन), ऊर्जा दक्षता और सतत जल प्रबंधन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया.
उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के अध्यक्ष चैतन्य भानु, उपाध्यक्ष (परिचालन), टाटा स्टील मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. मौके पर राजीव मंगल, उपाध्यक्ष (सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्थिरता), टाटा स्टील, डॉ. तन्मय भट्टाचार्य, अध्यक्ष, आईआईएम कोलकाता चैप्टर, ब्रिगेडियर अरुण गांगुली (सेवानिवृत्त), महासचिव, आईआईएम, प्रो. शिवब्रत सिंह, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, धातुकर्म एवं सामग्री इंजीनियरिंग, आईआईटी खड़गपुर, उमेश सिंह, कार्यकारी निदेशक (खनन), हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड तथा सुरजीत के. दत्ता ने नवाचार-प्रेरित हरित परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया.
चार तकनीक सत्र
चार तकनीकी सत्रों में कुल अठारह विचारोत्तेजक व्याख्यान दिए गए, जिनमें टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, जेएसएल (पूर्व जेएसपीएल), हिंडाल्को, एएम/एनएस इंडिया, आईआईटी खड़गपुर, एनआईटी राउरकेला, बीआईएस, पेन स्टेट यूनिवर्सिटी, जादवपुर विश्वविद्यालय तथा कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञों ने भाग लिया. इन प्रस्तुतियों में ग्रीन आयरन मेकिंग, स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियां, डिजिटलीकरण, क्रिटिकल मिनरल्स, सर्कुलर सामग्री, ई-कचरा पुनर्प्राप्ति और जल तटस्थता (वॉटर न्यूट्रैलिटी) जैसे विविध विषय शामिल थे.
हरित भारत पर चर्चा
हरित भारत के लिए सहयोगात्मक मार्ग विषय पर आयोजित उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा में उद्योग-अकादमिक सहयोग की महत्ता पर जोर दिया गया तथा सतत आयरन मेकिंग और स्क्रैप-आधारित स्टीलमेकिंग प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत नीति-निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया.प्रमुख उद्योगों और अकादमिक संस्थानों के नेताओं से बने शक्तिशाली संगठन एवं सलाहकार समिति के मार्गदर्शन में आयोजित इस सम्मेलन के समापन समारोह में भारतीय धातुकर्म क्षेत्र की हरित, अधिक लचीली और सतत भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि के साथ हुआ.

