उदित वाणी, जमशेदपुर : रेलवे कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब कर्मचारी अपने माता-पिता के साथ-साथ सास-ससुर को भी चिकित्सा सुविधा के दायरे में शामिल कर सकेंगे. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में इस व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है.
चक्रधरपुर मंडल मेंस कांग्रेस के संयोजक शशि रंजन मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सीजीएचएस और सीएस (एमए) नियमों के तहत यह नई सुविधा दी गई है. इसके अनुसार कर्मचारी आश्रित सदस्य के रूप में अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक पक्ष को चिकित्सा सुविधा का लाभ दिला सकेंगे.
हालांकि, नियम में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कर्मचारी सास-ससुर को आश्रित सदस्य के रूप में चुनता है, तो उस स्थिति में उसके माता-पिता इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे. यानी दोनों पक्षों को एक साथ चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं दिया जाएगा.
शशि रंजन मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों को इसके लिए एक बार विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा. उसी के आधार पर भविष्य में चिकित्सा सुविधा लागू रहेगी. रेलवे कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है. कर्मचारियों का मानना है कि इससे संयुक्त परिवारों को राहत मिलेगी और जरूरतमंद बुजुर्गों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी.


