उदित वाणी, सरायकेला: समाहरणालय सभागार में आज आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता सरायकेला-खरसावां की उप विकास आयुक्त (DDC) रीना हांसदा ने की।बैठक में जिले के चयनित तीन आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में संचालित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों, कल्याणकारी योजनाओं और निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के क्रियान्वयन की बिंदुवार और विभागवार गहन समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि समेत कई महत्वपूर्ण संकेतकों पर चर्चा
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति को परखा। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों से संबंधित उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई, स्वास्थ्य एवं पोषण , शिक्षा (Education), कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (Agriculture), पशुपालन (Animal Husbandry), पेयजल एवं स्वच्छता (Drinking Water & Sanitation), वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion), आधारभूत संरचना विकास (Infrastructure Development)
स्कूलों और आंगनबाड़ियों में शौचालय व पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश
डीडीसी रीना हांसदा ने बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, शुद्ध पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए।”इसके साथ ही, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से VHSND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) का आयोजन सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य व पोषण संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया।
अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे लाभ, डेटा पोर्टल रखें अपडेट
उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है। विकास के लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचने चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण (Monitoring), क्षेत्रीय भ्रमण (Field Visit) और विभागीय समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कम प्रगति वाले संकेतकों (KPIs) के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी विभागीय पदाधिकारियों को सचेत किया कि विभिन्न संकेतकों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों को निर्धारित सरकारी पोर्टलों पर नियमित रूप से अपलोड करें, ताकि वास्तविक प्रगति रिपोर्ट समय पर मिल सके।
बैठक में ये वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले के कई विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: सत्या ठाकुर – जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, विजय कुमार सिंह – उप निदेशक (आत्मा), डीपीएम (जेएसएलपीएस – JSLPS), संबंधित प्रखंडों के MOIC (चिकित्सा पदाधिकारी), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो (आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम)


