
उदित वाणी, रांची : राजधानी रांची के तीनों प्रमुख बस टर्मिनलों आइटीआई बस स्टैंड, सरकारी बस डिपो और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का कायाकल्प अब राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरीकरण के कार्यों में तेजी लाने के तहत इन टर्मिनलों के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण और जीर्णोद्धार का निर्देश दिया है.
नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 48.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही दे चुके हैं. इसमें आइटीआई बस स्टैंड के लिए 24.77 करोड़, सरकारी बस डिपो के लिए 20.19 करोड़ और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा के लिए 3.76 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. विभागीय प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जुडको को निर्देश दिया है कि टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद रांची के बस टर्मिनल राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल मानक के रूप में पहचान बना सकें.
आइटीआई बस स्टैंड बनेगा अत्याधुनिक और आकर्षक
वर्तमान में सीमित सुविधाओं वाला आइटीआई बस स्टैंड अब आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा. तीन एकड़ जमीन पर बनने वाले इस टर्मिनल का ग्राउंड फ्लोर 2330 वर्गमीटर और प्रथम तल 880 वर्गमीटर का होगा. बस परिचालन के लिए 13 बस बे बनाए जाएंगे, जबकि 35 बसों के लिए स्टैंडबाई पार्किंग की व्यवस्था रहेगी.
भूतल पर ड्राइवर कैंटीन, मेंटेनेंस शेड, गार्ड रूम, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, फूड कियोस्क, परिवहन कार्यालय, कैफेटेरिया, महिला एवं पुरुष शौचालय, ऑटो और ई-रिक्शा पार्किंग होगी. प्रथम तल पर रेस्टोरेंट, प्रशासनिक भवन, टिकट काउंटर, चार डॉरमेट्री, लॉकरयुक्त गेस्ट रूम और हरियाली के लिए लैंडस्केपिंग की सुविधा विकसित की जाएगी. यहां से प्रतिदिन लगभग 416 बसों के परिचालन का प्रावधान है.
सरकारी बस डिपो का होगा पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार
साल 1962 से 1970 के बीच बना सरकारी बस डिपो अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे 20.19 करोड़ रुपये की लागत से इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के अनुरूप पुनर्निर्मित किया जाएगा. पुराने भवन को तोड़ कर नया टर्मिनल भवन बनाया जाएगा.
नए भवन में 1771 वर्गमीटर ग्राउंड फ्लोर और 845 वर्गमीटर प्रथम तल पर सुविधाएं विकसित की जाएंगी. यहां गार्ड रूम, मेंटेनेंस क्षेत्र, कैंटीन, ट्रांजिट यात्रियों के लिए डॉरमेट्री, गेस्ट रूम, प्रतीक्षालय, फूड कियोस्क, शेडयुक्त बस बे, टिकट काउंटर, परिवहन प्रबंधन कार्यालय, हेल्प डेस्क, 12 फूड कियोस्क, कैफेटेरिया, रेस्टोरेंट, शौचालय, स्लाइडिंग गेट, कार और ऑटो स्टैंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. आठ बस बे के माध्यम से रोजाना करीब 512 बसों के परिचालन की व्यवस्था होगी.
बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का होगा सौंदर्यीकरण और सुधार
वर्तमान ढांचे को बरकरार रखते हुए बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का 3.76 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा. 11.6 एकड़ में फैले इस परिसर में 31 बस बे, 89 बसों और 70 कारों के लिए पार्किंग सुविधा, स्मार्ट शेड, 50 बेड की डॉरमेट्री, रेस्टरूम, स्नानागार, गेस्टहाउस, हाईमास्ट लाइट, बाउंड्री वॉल और महिला सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जाएगी.
साथ ही टेरेस एरिया की वॉटरप्रूफिंग, पुराने टर्मिनल भवन का नया प्लास्टर और पेंटिंग, क्षतिग्रस्त टाइल्स का बदलाव, सभी वाटर टैप का परिवर्तन, सीसीटीवी, नया फर्नीचर और हाई वॉल्यूम लो स्पीड फैन लगाए जाएंगे. परिसर का लैंडस्केपिंग कर पूरे बस टर्मिनल क्षेत्र को और अधिक आकर्षक रूप दिया जाएगा.

