
- उदित वाणी, रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने शुक्रवार को हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिजली की बढ़ी हुई दरों को जनता पर बोझ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। श्री साहू ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार खजाने को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है और दूसरी तरफ आम आदमी को बिजली बिल के नाम पर लूटा जा रहा है।
“ट्रेजरी घोटाले ने पशुपालन घोटाले को भी मात दी, वेतन के लाले पड़े”
आदित्य साहू ने सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि रोज नए घोटाले उजागर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेजरी घोटाले ने लालू राज के पशुपालन घोटाले को भी पीछे छोड़ दिया है। स्थिति यह है कि छोटे कर्मचारियों से लेकर राज्यपाल तक के वेतन भुगतान में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आय के स्रोत विकसित करने के बजाय खान-खनिज की रॉयल्टी और DMFT फंड को अपनी सुख-सुविधाओं और पदाधिकारियों के ऐश-मौज पर खर्च कर रही है।
स्मार्ट मीटर और लाखों के बिल से जनता में त्राहिमाम
बिजली विभाग की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए श्री साहू ने कहा कि साधारण उपभोक्ताओं को दो से ढाई लाख रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं। लोग काम-धंधा छोड़कर दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर को परेशानी का सबब बताते हुए कहा कि अचानक एक साल का बिल भेजकर कनेक्शन काटे जा रहे हैं। राजधानी से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति ठप है और महीनों तक जले हुए ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे।
“200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा सिर्फ धोखा”
सांसद ने सरकार के वादों को छलावा करार देते हुए कहा कि न किसानों को 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान की कीमत मिली, न 450 रुपये में गैस सिलेंडर और न ही युवाओं को बेरोजगारी भत्ता मिला। उन्होंने सवाल किया कि जब जनता की आय नहीं बढ़ी, तो उन पर बिजली का अतिरिक्त बोझ क्यों लादा गया? उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने बढ़ी हुई दरें वापस नहीं लीं, तो भाजपा जनभावनाओं के अनुरूप आंदोलन को और तेज करेगी।
