
उदित वाणी, पोटका: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली पंचायत के काशीडीह गांव में राशन वितरण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है. स्थानीय पीडीएस (PDS) दुकानदार द्वारा कार्डधारियों से ई-पोस मशीन पर फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद पिछले चार महीनों से राशन नहीं दिया गया है. गुरुवार को इस अनियमितता से नाराज लगभग 450 कार्डधारियों ने राशन दुकान का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
फिंगरप्रिंट लेकर टरकाने का खेल
आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर ललिता खंड पातर हर महीने कार्डधारियों को दुकान बुलाकर उनका फिंगरप्रिंट (अंगूठे का निशान) तो ले लेती हैं, लेकिन खाद्यान्न वितरण के समय उन्हें “अगले दिन आना” कहकर टाल दिया जाता है. कार्डधारियों का कहना है कि यह सिलसिला पिछले चार महीनों से जारी है. गुरुवार को भी जब डीलर ने दोबारा फिंगरप्रिंट देने की बात कही, तो ग्रामीण आपे से बाहर हो गए और दुकान को चारों तरफ से घेर लिया.
एमओ ने लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई का दिया भरोसा
हंगामे की सूचना मिलने पर प्रभारी मुखिया काजल बारीक, पंचायत समिति सदस्य देवेंद्र महतो और भाजपा नेता मनोज सरदार मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और तत्काल प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) से फोन पर बात की. आपूर्ति पदाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को शुक्रवार को कार्यालय आकर लिखित शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है, ताकि डीलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके.
पोटका में आम हुई फिंगरप्रिंट की धोखाधड़ी
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि पोटका प्रखंड में कार्डधारियों से फिंगरप्रिंट लेकर राशन डकारने का मामला अब आम हो गया है. डीलर सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और गरीब कार्डधारी अपने अधिकार के अनाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया चार माह का राशन नहीं मिला, तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करेंगे.

