
उदित वाणी, रांची: कुछ प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर १३ और १४ जून २०२६ को यह खबर प्रसारित की गई थी कि मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया के एक स्टेकहोल्डर ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से गणना चरण (Enumeration Phase) के दौरान ही मतदाताओं के सभी दस्तावेज एकत्र करने का अनुरोध किया है।
इस पर पूर्ण विराम लगाते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अपने निर्देश संख्या 23/2025-ERS (Vol-II) दिनांक 14 मई 2026 के पैराग्राफ ‘d’ का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि इन्यूमरेशन फेज़ के दौरान मतदाताओं से कोई भी दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाना है। यह नियम मतदाताओं की सुविधा के लिए लागू किया गया है ताकि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनी रहे।
आम मतदाताओं को दस्तावेज देने की जरूरत नहीं: समझें 3 स्थितियां
चुनाव आयोग के अनुसार, झारखंड के वर्तमान २.६४ करोड़ मतदाताओं में से बेहद कम संख्या में लोगों से दस्तावेज लिए जाएंगे। इन्हें ३ अलग-अलग श्रेणियों में समझा जा सकता है:
1. जिनका डेटा और मैपिंग पूरी तरह सही है
झारखंड की २०२६ की मतदाता सूची के वे मौजूदा मतदाता, जिन्होंने बिना किसी त्रुटि (प्रसंगति) के पिछली SIR मतदाता सूची के साथ अपना या अपने माता-पिता का मैपिंग कार्य पूरा कर लिया है, उन्हें इन्यूमरेशन फेज़ में कोई दस्तावेज नहीं देना है।
क्या करना होगा: उन्हें बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर जाकर दिए गए पहले से भरे हुए ‘इन्यूमरेशन फॉर्म’ को जांचकर, उस पर हस्ताक्षर करना होगा और एक नवीनतम रंगीन फोटो के साथ बीएलओ को वापस देना होगा। इनका नाम सीधे SIR 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में दिखेगा।
2. जिनकी मैपिंग पूरी है, लेकिन डेटा में कुछ त्रुटियां (प्रसंगतियां) हैं
वे मौजूदा मतदाता जिन्होंने मैपिंग तो की है, लेकिन उनके विवरण में कुछ गलतियां हैं, उन्हें भी इन्यूमरेशन फेज़ के दौरान कोई दस्तावेज जमा नहीं करना है। समाधान: इन्हें भी केवल नवीनतम रंगीन फोटो के साथ भरा हुआ व हस्ताक्षरित फॉर्म बीएलओ को देना होगा। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO, AERO और BLO इस चरण के दौरान खुद इन त्रुटियों को दूर करने का प्रयास करेंगे। मतदाता चाहें तो सटीक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.voters.eci.gov.in का उपयोग कर सकते हैं।
3. जिन्होंने अभी तक अपनी या माता-पिता की मैपिंग पूरी नहीं की है
ऐसे मतदाताओं को भी इन्यूमरेशन फेज़ में कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। प्रक्रिया: इन्हें केवल फोटो के साथ हस्ताक्षरित फॉर्म बीएलओ को सौंपना होगा। ईआरओ (ERO), एईआरओ (AERO) और बीएलओ (BLO) वेबसाइट की मदद से डेटा खोजकर खुद मैपिंग प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास करेंगे। महत्वपूर्ण नोट (बीएलओ का घर-घर दौरा): इन्यूमरेशन फेज़ के दौरान बीएलओ (BLO) खुद घर-घर जाकर पहले से भरे हुए व्यक्तिगत इन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण करेंगे और मतदाताओं से हस्ताक्षरित फॉर्म एकत्र कर उसे डिजिटाइज़ करेंगे।
केवल ‘नोटीस’ मिलने पर ही देने होंगे दस्तावेज
दस्तावेज केवल उन्हीं चिह्नित मतदाताओं से एकत्र किए जाएंगे, जिन्हें 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 के बीच चलने वाली ‘नोटीस और सत्यापन अवधि’ के दौरान ईआरओ (ERO) द्वारा आधिकारिक नोटिस जारी किया जाएगा।
भारत के किसी भी हिस्से की पिछली SIR मतदाता सूची (जिसमें झारखंड की २००३ की SIR सूची भी शामिल है) में नाम होना एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह दस्तावेज आपके विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO/BLO के पास पहले से उपलब्ध है, और वे खुद इसकी सत्यापित प्रति (Extract) लगाएंगे।
नए मतदाताओं और राज्य से बाहर ट्रांसफर कराने वालों के लिए नियम
झारखंड के भीतर स्थानांतरण (Transfer): जो मतदाता झारखंड के ही किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में शिफ्ट होना चाहते हैं, उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना है। उन्हें दावा और आपत्ति अवधि (5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026) के दौरान केवल फॉर्म-8 (Form-8) जमा करना होगा।
नए मतदाताओं के लिए (Form-6): ऐसे भारतीय नागरिक जो 1 अक्टूबर 2026 को १८ वर्ष या उससे अधिक आयु के हो रहे हैं और पहली बार मतदाता बनना चाहते हैं, उन्हें जन्म तिथि और जन्म स्थान के आधार पर स्वयं व माता-पिता के घोषणा पत्र तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 (Form-6) भरना होगा। यह फॉर्म इन्यूमरेशन फेज़ (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) और दावा/आपत्ति अवधि (5 अगस्त से 4 सितंबर 2026) के दौरान जमा किया जा सकता है।
झारखंड से बाहर के मतदाताओं के लिए: जो दूसरे राज्यों से झारखंड के किसी निर्वाचन क्षेत्र में अपना नाम स्थानांतरित कराना चाहते हैं, उन्हें दावा और आपत्ति अवधि (5 अगस्त से 4 सितंबर 2026) के दौरान घोषणा पत्र व आवश्यक दस्तावेजों (जैसे जन्म तिथि/स्थान का प्रमाण या माता-पिता के नाम वाला पिछली SIR सूची का उद्धरण पृष्ठ) के साथ फॉर्म-8 (Form-8) जमा करना होगा।
झारखंड में अब तक की प्रगति (आंकड़े)
१४ जून २०२६ तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के कुल 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 2.11 करोड़ मतदाताओं (यानी 79.73%) ने अपना स्वयं का या अपने माता-पिता का मैपिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

