उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड सहायक प्राध्यापक अनुबंध संघ के बैनर तले आज महिला प्राध्यापकों ने राज्यपाल सह कुलाधिपति और माननीय मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करने हेतु धरना प्रदर्शन किया. तीसरे दिन अनुबंध पर कार्यरत अन्य सभी सहायक प्राध्यापक भी उनके समर्थन में राजभवन पहुंच गए.
इस कारण विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन बाधित हो चुका है. कॉलेज वीरान पड़े हैं. विदित हो कि झारखंड सहायक प्राध्यापक (अनुबंध) संघ के द्वारा राज्य की राजधानी, रांची में राजभवन के समक्ष आज तीसरे दिन भी ध्यानाकर्षण कार्यक्रम जारी रहा.
सिद्धू-कान्हू मुर्मु विश्वविद्यालय दुमका से आये डॉ कुमार सौरभ ने घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों की समस्याओं को बताते हुए कहा कि सरकार को सभी शिक्षकों की मांगों पर ध्यान देने की आवश्यकता है.
क्योंकि सभी घंटी आधारित शिक्षकों के धरना में सम्मिलत होने के कारण राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कक्षाएं खाली जा रही हैं, जबकि कई विश्वविद्यालयों में छात्रों की परीक्षाएं आयोजित होने वाली हैं.
इस मौके पर डॉ स्मिता गुप्ता, डॉ निवेदिता एवं डॉ माधुरी दास ने कहा कि मुख्यमंत्री से कई बार मिलने का समय मांगा गया परंतु उन्होंने समय प्रदान नहीं किया, अन्तत: विवश हो कर सभी शिक्षकों को राजभवन के सामने इस बरसात के मौसम में अपने घर परिवार और कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों को छोड़कर धरने पर बैठना पड़ रहा है.
इस दौरान डॉ स्वीटी मरांडी, डॉ सोनू फ्रांसिस मूर्मू, डॉ सुधा ग्लादिस किस्कू, डॉ संयोजित लकड़ा, डॉ गुरुचरण पूर्ति, डॉ मनोज कच्छप, डॉ रेखा कुमारी, डॉ पुष्पा कुमारी, डॉ यदुवंश यादव, डॉ इंद्रभूषण, डॉ एसकेझा, डॉ निरंजन कुमार महतो, डॉ ब्रह्मानंद साहू, डॉ त्रिभूवन शाही, डॉ मिराकल टेटे, डॉ सत्यनारायण उरांव, डॉ नीरा वर्मा, डॉ संजू कुमारी, सुनीता उरांव, डॉ बिरेंद्र ओरांव, डॉ बीएन साहू, डॉ दीपक कुमार, डॉ अजय नाथ शाहदेव, डॉ सुमंत झा, डॉ नरेन्द्र दास, डॉ राम कुमार, डॉ मिथिलेश कुमार सिंह, डॉ बिलकस पन्ना इत्यादि उपस्थित थे.


