उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। विभिन्न रेलखंडों में चल रहे मरम्मत और तकनीकी कार्यों को लेकर रेलवे प्रशासन द्वारा विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। इस लाइन ब्लॉक का असर ट्रेनों के परिचालन पर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है।
17 मई तक 125 से 225 मिनट की देरी से खुलेगी बक्सर एक्सप्रेस
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, ब्लॉक के कारण टाटानगर से खुलने वाली टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस आगामी 17 मई तक अपने निर्धारित समय से 125 से 225 मिनट (घंटों) की देरी से रवाना होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों को रास्ते में लाइन जाम और लंबे समय तक फंसे रहने की बड़ी परेशानी से बचाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले 10 मई और 14 मई को भी यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से टाटानगर स्टेशन से रवाना हुई थी।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी, कनेक्टिंग ट्रेनों और बसों का बिगड़ा तालमेल
ट्रेनों में लगातार हो रही इस देरी से यात्रियों की परेशानी काफी बढ़ गई है। खासकर लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने और वहां से दूसरी ट्रेनों या बस सेवाओं के साथ तालमेल (कनेक्टिविटी) बैठाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
आद्रा रेल मंडल में ब्लॉक: आसनसोल-टाटानगर मेमू शॉर्ट टर्मिनेट, टाटा-हटिया का रूट बदला
इधर, आद्रा रेल मंडल में चल रहे लाइन ब्लॉक के कारण भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया गया है। रेलवे ने कुछ ट्रेनों की दूरी घटाने (शॉर्ट टर्मिनेट) और कुछ को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया है:
आसनसोल-टाटानगर मेमू: यह ट्रेन 15, 16 और 17 मई को आद्रा स्टेशन तक ही अप-डाउन करेगी (टाटानगर नहीं आएगी)।
टाटा-हटिया एक्सप्रेस: इस ट्रेन को बदले हुए मार्ग (परिवर्तित रूट) से चलाया जाएगा।
सिग्नल, टेलीकम्युनिकेशन और इंजीनियरिंग से जुड़े हो रहे हैं काम
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस ब्लॉक के दौरान रेलवे ट्रैक के इंजीनियरिंग, ट्रैक्शन, सिग्नल तथा टेली कम्युनिकेशन से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी लाइन ब्लॉक के प्रभाव के कारण गुरुवार को भी धनबाद-आदित्यपुर एक्सप्रेस और आसनसोल-टाटानगर मेमू ट्रेन टाटानगर न आकर आद्रा स्टेशन से ही वापस लौट गई थी।
कोल्हान, झारखंड और बंगाल के सैकड़ों रेल यात्री प्रभावित
ट्रेनों के परिचालन में लगातार हो रहे इस फेरबदल और रूट डायवर्जन के कारण कोल्हान, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न जिलों के सैकड़ों यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


