
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने अपने बैंक गारंटी दिशानिर्देशों की समीक्षा, संशोधन और मानकीकरण के लिए एक क्रॉस-फंक्शनल टीम का गठन किया है. यह कदम कंपनी की मौजूदा बिजनेस जरूरतों, जोखिम प्रोफाइल और परिचालन वातावरण के अनुरूप दिशानिर्देशों को अद्यतन करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
सर्कुलर के अनुसार वर्तमान में लागू बैंक गारंटी दिशानिर्देश 2017 में बनाए गए थे. तब से कंपनी के बिजनेस में काफी बदलाव आए हैं, जिनमें EPC/CHA परियोजनाओं का विस्तार, स्टील प्रोसेसिंग सेंटर्स की बढ़ी हुई स्केल और जटिलता, जोखिम एक्सपोजर, गवर्नेंस अपेक्षाएं और फाइनेंशियल कंट्रोल्स शामिल हैं.
टीम का उद्देश्य बीजी फ्रेमवर्क की समीक्षा और अपडेट करना, वर्तमान बिजनेस आवश्यकताओं के साथ संरेखण सुनिश्चित करना, स्पष्ट रिस्क प्रिंसिपल्स, कवरेज मेथडोलॉजी, आरएसीआई मैट्रिक्स और मजबूत गवर्नेंस तंत्र को शामिल करना है. टीम को लीड चीफ प्रोक्योरमेंट ऑफिसर रंजन कुमार सिन्हा और अल्टपनेट लीड केशरी कुमार करेंगे.
टीम को 30 जून 2026 तक अध्ययन पूरा कर अपनी सिफारिशें वाइस प्रेसिडेंट – ग्रुप स्ट्रैटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड बिजनेस एक्सीलेंस तथा वाइस प्रेसिडेंट – फाइनेंशियल कंट्रोल एंड बिजनेस एनालिटिक्स को सौंपनी हैं.यह पहल टाटा स्टील में कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट, रिस्क मिटिगेशन और गवर्नेंस को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

