उदित वाणी, सरायकेला-खरसावां. पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला द्वारा संचालित “चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान (Chuppi Todo Swasth Raho Campaign) के सफल क्रियान्वयन को लेकर दिनांक 30 मई, 2026 को एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अभियान के प्रभावी संचालन एवं व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुश्री रीना हांसदा की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
प्रखंड और पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश
वर्चुअल बैठक के दौरान जिले के सभी प्रखंडों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे प्रखंड स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करें. इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, कर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं जलसहियाओं को अभियान के मुख्य उद्देश्यों एवं गतिविधियों से पूरी तरह अवगत कराया जाए. इसके साथ ही, प्रखंड जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित कर इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने हेतु एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया गया.
माहवारी स्वच्छता और इन्सिनरेटर (भस्मक) के उपयोग पर विशेष बल
समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्राम स्तर पर नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया. इसके तहत किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने तथा ग्राम स्तर पर निर्मित भस्मक (इन्सिनरेटर) के सही उपयोग हेतु प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया. बैठक में इस बात को रेखांकित किया गया कि अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में माहवारी स्वच्छता से जुड़े मिथकों एवं संकोच को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं.
महिलाओं के सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण से जुड़ा है अभियान
उप विकास आयुक्त (DDC) सुश्री रीना हांसदा ने अपने संबोधन में कहा कि माहवारी स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं एवं किशोरियों के सम्मान, गरिमा एवं सशक्तिकरण से भी सीधा जुड़ा हुआ है. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभियान के दौरान अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें. विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) एवं ग्राम संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएं ताकि सामाजिक वर्जनाओं को दूर किया जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक किशोरी एवं महिला तक स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जागरूकता का संदेश पहुंचाना है, जिसके लिए सभी विभागों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है.
इस बैठक में कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला), सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), जिला समन्वयक SBM/JJM, प्रखंड समन्वयक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल कार्यालय में ली गई शपथ, रेड डॉट चैलेंज का संकल्प
इसी क्रम में दिनांक 30 मई, 2026 को पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला के कार्यालय परिसर में भी कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में “चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को माहवारी स्वच्छता की शपथ दिलाई गई. साथ ही, प्रसिद्ध ‘रेड डॉट चैलेंज’ (Red Dot Challenge) के माध्यम से समाज में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया.
स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण का आह्वान
कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान एवं सशक्तिकरण से जोड़ते हुए इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया गया. कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में माहवारी स्वच्छता के प्रति खुलकर जागरूकता फैलाएं और एक स्वच्छ व स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं. इस अवसर पर सहायक अभियंता, कनीय अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला), जिला एवं प्रखंड समन्वयक SBM/JJM तथा विभिन्न क्षेत्रों से आईं जलसहियाएं मुख्य रूप से उपस्थित थीं.


