
जमशेदपुर: जमशेदपुर के तुलसी भवन सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री वी सुरेंद्रन ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्थापना काल से ही राष्ट्र को संगठित, सशक्त और संस्कारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया है। सेवा, समर्पण और संगठन के मूल मंत्र के साथ संघ ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया है। शिक्षा, सेवा, ग्राम विकास, स्वावलंबन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्वयंसेवकों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने “पंच परिवर्तन” की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे पांच आयामों के माध्यम से समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और समाज के प्रति दायित्वों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने का संकल्प लेने का समय है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम का विषय प्रवेश महानगर कार्यवाह रविंद्र नारायण ने किया, जबकि मंच संचालन सह महानगर कार्यवाह मृत्युंजय ने किया। इस अवसर पर महानगर के सह संघचालक भास्कर जोशी की उपस्थिति रही।

