
उदित वाणी, जमशेदपुर : परसुडीह थाना पुलिस पर एक के बाद एक मामलों में ढिलाई के आरोप लग रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा पुलिस पर से उठता जा रहा है. जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक को अब थाना की कार्यशैली पर संदेह होने लगा है. यही वजह है कि बीते कुछ दिनों में परसुडीह थाना से जुड़े तीन मामलों की जांच सीधे डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है.
पहला मामला शंकरपुर कुम्हारपाड़ा की एक आदिवासी महिला से जुड़ा है, जिसे जमीन और शराब व्यवसाय से जुड़े मिहिर गोप और मनोज नायक ने कथित रूप से मारपीट और बदसलूकी की. घटना को 15 दिन बीत गए, लेकिन अब तक दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. पीड़ित परिवार को थाने से कोई सहायता नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई. मामला अब डीएसपी को सौंपा गया है.
दूसरा मामला मकदमपुर के मोहम्मद खलील गद्दी के घर हुई चोरी से संबंधित है. 23 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने उसके घर से ₹45,000 नकद और सोने के जेवरात चुरा लिए. घटना सीसीटीवी में कैद है, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की. परेशान होकर खलील ने एसएसपी से संपर्क किया, तब जाकर मामला डीएसपी के पास पहुंचा.
तीसरी घटना हलुदबनी के कोचाकुली की है, जहां जेएलकेएम नेता के रिश्तेदार के घर से बुलेट मोटरसाइकिल और स्कूटी की चोरी हो गई. पुलिस अब तक सुराग नहीं ढूंढ पाई है.
इन तीनों घटनाओं में थाने की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं. अब देखना है कि डीएसपी स्तर की जांच के बाद पीड़ितों को कब तक इंसाफ मिलता है.

