उदित वाणी,आदित्यपुर: आरकेएफएल में समायोजन और फाइनल सेटलमेंट की मांग को लेकर जेएमटी ऑटो प्राइवेट लिमिटेड के कामगारों का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी रहा. बुधवार सुबह करीब 5:45 बजे आंदोलनकारी कामगारों ने कंपनी प्रबंधन और कुछ असामाजिक तत्वों पर धरना स्थल का टेंट तोड़ने का आरोप लगाया. कामगारों का कहना है कि धरना के लिए वन विभाग से लिखित अनुमति ली गई थी.
इसके बावजूद सुबह अचानक पहुंचे आरकेएफएल के अधिकारी शक्तिपद सेनापति ने कुछ लोगों के साथ मिलकर टेंट को नुकसान पहुंचाया, मोबाइल फोन छीन लिए और कुछ कामगारों के साथ मारपीट भी की. आरोप है कि धरना स्थल से टेंट का सामान जबरन हटाकर कबाड़ में भेज दिया गया. आंदोलन कर रहे कामगारों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन प्रबंधन लगातार उन्हें उकसाने और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. कामगारों का आरोप है कि कभी प्रशासनिक दबाव, कभी धमकी और कभी धरना स्थल को हटाने जैसी कार्रवाई कर आंदोलन को बाधित किया जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे और प्रबंधन से समायोजन एवं फाइनल सेटलमेंट पर सकारात्मक पहल की मांग करेंगे. इस संबंध में प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राज्य के श्रम नियोजन- कौशल विकास सह उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने दूरभाष से आंदोलनरत कामगारों से वार्ता कर इंसाफ का भरोसा दिलाया है. शुक्रवार को कामगार रांची पहुंचेंगे और मंत्री से मुलाक़ात कर अपनी वेदना से अवगत कराएंगे. इसबीच प्रबंधन ने उनके आंदोलन को दमन करने का प्रयास किया है. हैरानी की बात ये है कि इस पूरे मामले में श्रम विभाग और जिला प्रशासन के साथ तमाम श्रमिक संगठन मौन है.


