
उदित वाणी,जमशेदपुरः वर्कर्स कॉलेज जमशेदपुर में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित व्याख्यानमाला शृंखला के 11वें अध्याय में सोमवार को हिंदी उपन्यासों की रचनाधर्मिता: 75 वर्षों के आईने में विषयक व्याख्यान आयोजित किया गया. व्याख्यान को मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के एसपी महाविद्यालय के हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. यदुवंश यादव ने संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि उपन्यास का साहित्य में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. यह अपनी रचनाधर्मिता के आधार पर विश्व में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली विधा है. इसमें समाज की समसामयिक समस्याओं को सुलझाने की अपार क्षमता विद्यमान है. इसे कहीं न कहीं भारतीय मध्यवर्गीय समाज का निर्माणकर्ता होने का गौरव प्राप्त है.
डॉ. यदुवंश ने कई प्रचलित हिंदी उपन्यासों का उल्लेख करते हुए इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महालिक ने व्याख्यानमाला का उद्घाटन किया. कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन भवेश कुमार ने एवं धन्यवाद ज्ञापन अंग्रेजी विभाग की अध्यक्षा डॉ. प्रीतिबाला सिन्हा ने की. इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, प्रधान लिपिक, शिक्षकेतरकर्मी, छात्र प्रतिनिधि सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

