
उदित वाणी, जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार को पांच दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतक के परिजन इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगते नजर आए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों और सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, परसुडीह निवासी सोनू सिंह की पत्नी नंदनी ने 1 जून को एमजीएम अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से शिशु को जन्म दिया था। नवजात का वजन लगभग डेढ़ किलोग्राम होने के कारण उसे विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती रखना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि मां का दूध नवजात को समय पर नहीं पहुंचाया गया, जिससे बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और आखिरकार शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।
इस मामले पर अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को जुर्माते हुए कहा है कि नवजात गंभीर इन्फेक्शन से जूझ रहा था और चिकित्सकों द्वारा उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। बावजूद इसके, उसकी स्थिति में सुधार नहीं आया। बताया गया कि मृतक शिशु के परिवार में पहले से दो बेटियां हैं और बेटे के जन्म से घर में खुशी का माहौल था। अब इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन और परिजनों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।

