
उदित वाणी, जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वच्छता के स्तर को सुधारने के लिए प्रबंधन ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब अस्पताल परिसर और वार्डों के भीतर मरीजों के परिजनों द्वारा भात, दाल और सब्जी जैसे बाहरी भोजन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
गेट पर सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा, लौटाए जा रहे लोग
अस्पताल के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग के दौरान यदि किसी परिजन के पास बाहरी भोजन पाया जाता है, तो उन्हें अस्पताल के भीतर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। विशेष रूप से दोपहर के समय, जब लोग बाहरी मुफ्त भोजन केंद्रों से खाना लाते हैं, उन्हें परिसर के बाहर ही भोजन करने को कहा जा रहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला? प्रबंधन ने बताई वजह
प्रबंधन के मुताबिक, कई लोग आवश्यकता से अधिक भोजन लेकर वार्डों में चले जाते थे। खाने के बाद बचा हुआ भोजन (झूठन) इधर-उधर फेंक दिया जाता था, जिससे न केवल गंदगी फैलती थी बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ता था। अस्पताल के दूषित होते वातावरण को देखते हुए यह कड़ा निर्णय लिया गया है। हालांकि, घर से खाना लाने वाले कुछ परिजन रियायत की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने सभी के लिए समान नियम लागू कर दिया है।
मरीजों को नहीं होगी परेशानी, अस्पताल में ही मिलेगी डाइट
परिजनों की चिंताओं पर अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मरीजों के लिए अस्पताल में ही निःशुल्क पौष्टिक भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है। इसलिए, बाहर से भोजन लाने पर रोक लगाने से मरीजों के स्वास्थ्य या उनकी डाइट पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

